Prabhasakshi Newsroom। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ी है शांति और सुरक्षा, बाइडेन ने की PM मोदी की तारीफ

By अनुराग गुप्ता | May 24, 2022

दुनिया की सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति बनने की होड़ में अमेरिका और चीन के बीच सियासी खेल चल रहा है। चीन के बढ़ते दबदबे पर लगाम लगाने के लिए क्वाड देशों की बैठक जापान की राजधानी टोक्यों में बुलाई गई। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि क्वाड देशों के बीच आपसी विश्वास और दृढ़ संकल्प न सिर्फ लोकतांत्रिक ताकतों को नई ऊर्जा दे रहा है, बल्कि एक स्वतंत्र, खुले और समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र की स्थापना को प्रोत्साहित भी कर रहा है। 

उन्होंने कहा कि हमने टीका वितरण, जलवायु कार्रवाई, आपूर्ति श्रृंखला को लचीला बनाने, आपदा प्रतिक्रिया, आर्थिक सहयोग और कोविड-19 महामारी से उत्पन्न प्रतिकूल परिस्थितियों से निपटने की दिशा में समन्वय बढ़ाया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि क्वाड देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता की स्थापना में योगदान दे रहा है।

यह सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है, जब चीन और क्वाड के सदस्य देशों के बीच संबंध पिछले कुछ समय में तनावपूर्ण हुए हैं। इसकी वजह बीजिंग का लोकतांत्रिक मूल्यों को लगातार चुनौती देना और आक्रामक व्यापारिक नीतियां अपनाना है।

जो बाइडेन ने की PM मोदी की तारीफ

इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में प्रधानमंत्री मोदी ने बेहतरीन काम किया है। जो बाइडेन ने प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करते हुए कहा कि आपसे दोबारा आमने-सामने मिलकर खुशी हुई।

उन्होंने कहा कि हमारा ऐसा मुक्त एवं खुला हिंद-प्रशांत सुनिश्चित करने का साझा लक्ष्य है, जो अधिक समृद्ध होगा और हमारे सभी सदस्यों के लिए बेहतर अवसर प्रदान करेगा। मैं समावेशी विकास एवं साझा समृद्धि हासिल करने के लिए आर्थिक सहयोग को मजबूत करने और आप सभी के साथ मिलकर काम करते रहने का इच्छुक हूं। हमने दिखा दिया है कि क्वाड केवल कुछ देर के लिए शुरू की गई पहल नहीं है, बल्कि इसका मकसद कई महत्वपूर्ण काम करना है। क्वाड की बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी और जो बाइडेन के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई।

इंडो पैसिफिक इकोनॉमिक फ्रेमवर्क हुआ लॉन्च

क्वाड समिट के पहले दिन इंडो पैसिफिक इकोनॉमिक फ्रेमवर्क को लॉन्च किया गया। इसमें भारत, अमेरिका, जापान समेत 13 देशों को शामिल किया गया। जिसकी मदद से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में व्यापारिक साझेदारी को बढ़ाने का रोडमैप तैयार किया गया।

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आपको बता दें कि इंडो पैसिफिक इकोनॉमिक फ्रेमवर्क अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की दिमाग की उपज है। बाइडेन ने सबसे पहले अक्टूबर 2021 में ईस्ट एशिया समिट में इंडो-पैसिफिक इकनॉमिक फ्रेमवर्क की बात कही थी। अमेरिका इस वक्त भारत की तरफ बेहद ही आशा भरी निगाहों से देख रहा है।

ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि भारत एक समावेशी लचीला 'इंडो पैसिफिक इकोनॉमिक फ्रेमवर्क' के निर्माण के लिए आप सभी के साथ काम करेगा। रेजिंस्टेंस सप्लाई चेन के तीन मुख्य आधार होने चाहिए। हमारे बीच भरोसा, पारदर्शिता, समयबद्धता होनी चाहिए। यह इंडो पैसिफिक क्षेत्र में विकास, शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करेगा।

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