By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Apr 10, 2020
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इस ऊंची मृत्यु दर के बारे में पूछे जाने पर जिलाधिकारी ने कहा, यह स्थिति केवल इसलिये है क्योंकि कोरोना वायरस के मरीज इस महामारी के लक्षणों के बारे में हमें देर से जानकारी दे रहे हैं। हम शहर के सभी लोगों से लगातार अपील कर रहे हैं कि वे हमारी टीमों का पूरा सहयोग करें और इस महामारी के लक्षणों के बारे में हमें जल्दी से जल्दी बतायें ताकि उनका इलाज वक्त पर शुरू किया जा सके। इस बीच, शहर काजी मोहम्मद इशरत अली ने पीटीआई- से कहा, प्रशासन को कर्फ्यू से पहले की स्थिति और मौजूदा हालात की तुलना करते हुए पता लगाना चाहिये कि कब्रिस्तानों में जनाजों की तादाद में क्या बदलाव हुआ है और मृतकों की मौत की क्या वजह थी? मामले की जांच के बाद पूरी तस्वीर साफ हो जायेगी। उन्होंने बताया, हम शहर की करीब 200 मस्जिदों से लाउडस्पीकर के जरिये लगातार एलान कर रहे हैं कि कोविड-19 से बचाव के तमाम उपाय अपनाये जाएं और इस बीमारी की रोकथाम में जुटे सरकारी अमले को पूरी मदद दी जाये। शहर काजी ने बताया कि उन्हें हाल के दिनों में ऐसी शिकायतें भी मिल रही हैं कि हृदय और पेट की गंभीर बीमारियों से पीड़ित कुछ मरीजों को निजी अस्पतालों ने उल्टे पांव लौटा दिया और वक्त पर इलाज नहीं मिलने के कारण उनकी कथित तौर पर मौत हो गयी। कोरोना वायरस के मरीज मिलने के बाद से प्रशासन ने 25 मार्च से शहरी सीमा में कर्फ्यू लगा रखा है।