By अंकित सिंह | Nov 17, 2025
प्रभासाक्षी के साप्ताहिक कार्यक्रम चाय पर समीक्षा में इस सप्ताह हमने बिहार चुनाव के नतीजे और दिल्ली में हुए आतंकवादी घटना पर चर्चा की। साथ ही साथ कांग्रेस के भविष्य को लेकर प्रभासाक्षी के संपादक नीरज कुमार दुबे से सवाल भी पूछे। कांग्रेस के भविष्य को लेकर पूछे गए सवाल पर नीरज कुमार दुबे ने कहा कि बिहार में महागठबंधन में कुछ भी ठीक-ठाक नहीं चल रहा है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि लालू परिवार भी फिलहाल कई संकटों से गुजर रहा है। खुद लालू यादव को अपना किडनी देने वाली उनकी दुलारी बेटी रोहिणी आचार्य कई बड़े आरोप तेजस्वी यादव के सलाहकारों पर लगा चुकी है। ऐसे में कांग्रेस के लिए भी स्थिति बिहार चुनाव के बाद अच्छी नहीं रहने वाली है। नीरज दुबे ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस को अब तक 95 हार मिल चुकी है। इसके बावजूद भी ऐसा लगता है कि वह संतुष्ट नहीं हुए हैं। अब वह सेंचुरी बनाने की कोशिश में लगे हुए हैं।
प्रभासाक्षी के संपादक नीरज दुबे ने कहा कि राहुल गांधी लगातार जैन जी की बात करते हैं। लेकिन बिहार के जैन जी ने राहुल गांधी को जवाब दे दिया। नीरज दुबे ने प्रधानमंत्री के उसे बात को दोहराया कि ऐसा लगता है कि कांग्रेस में विभाजन हो जाएगा। कई कांग्रेस युवाओं को अब ऐसा लगने लगा है कि राहुल गांधी के रहते हुए हमारा राजनीतिक कैरियर बनने वाला नहीं है। ऐसे में यह जैन जी अब कांग्रेस में विभाजन कर सकते हैं। हमें पता है कि कांग्रेस के पुराने नेता पहले ही पार्टी में हासिए पर जा चुके हैं और राहुल गांधी की टीम के द्वारा किनारे किए जाने से नाराज बताए जाते हैं। इसलिए जी-23 जैसे ग्रुप के भी नाम पिछले कुछ दिनों में सामने आए हैं। नीरज दुबे ने साफ तौर पर कहा कि अगर आप राष्ट्र के साथ नहीं और विदेशी एजेंट के साथ रहेंगे तो आपकी पार्टी का यही होगा। अभी भी वक्त है। कांग्रेस को होमवर्क करने की जरूरत है। कांग्रेस अभी भी अगर नहीं समझती है तो उसके लिए आने वाले चुनाव और भी मुश्किल रहने वाले हैं क्योंकि भाजपा पूरी मैनेजमेंट के साथ चुनाव लड़ती है। जबकि आपका आपसी कलह से और संगठन की कमी से हर बार हार होती है।
दिल्ली में आतंकवादी हमले पर नीरज कुमार दुबे ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है। पाकिस्तान के सरगना अब हमारे ही लोगों का इस्तेमाल कर हमारे ही देश में आतंक फैलाना चाहते हैं क्योंकि उन्हें पता है कि वह अब सीधे तौर पर भारत के आतंकवादी गतिविधियों में शामिल नहीं हो सकते हैं। इसलिए वह अप्रत्यक्ष रूप से इसमें लगे हुए हैं। हमारी सरकार की आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति है और यही कारण है कि आतंकवादियों के खिलाफ जबरदस्त कार्यवाही हमें देखने को मिलती है। फिलहाल दिल्ली मामले को लेकर पूरा जांच हो रहा है। इसमें कई बड़े खुलासे हुए हैं। देखना है आगे किस तरह का एक्शन इस धमाके में बाद लिया जाता है।