Chai Par Sameeksha: Rahul Gandhi से नहीं संभल रही Congress, क्या Priyanka को कमान सौंपनी ही पड़ेगी

By अंकित सिंह | Dec 15, 2025

प्रभासाक्षी के साप्ताहिक कार्यक्रम चाय पर समीक्षा में इस सप्ताह हमने कांग्रेस के भीतर हो रही अलग-अलग चर्चाओं पर बातचीत की है। हमेशा की तरह इस कार्यक्रम में मौजूद रहे प्रभासाक्षी के संपादक नीरज कुमार दुबे जी। हमने नीरज दुबे से एक बड़ा सवाल यही पूछा कि प्रियंका गांधी और राहुल गांधी ने जिस तरीके से संसद में भाषण दिया, उसके बाद दोनों के बीच लगातार तुलना हो रही है। प्रियंका गांधी के भूषण की तारीफ हो रही है। वहीं राहुल गांधी पर कई तरह के सवाल भी किया जा रहे हैं।

इस पर नीरज दुबे ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं है कि प्रियंका गांधी का जो भाषण था, वह अच्छे से लिखा हुआ था। प्रियंका गांधी ने उसे मजबूती से पेश भी किया और नई-नई बातें भी कहीं। वहीं राहुल गांधी ने अपने पूराने दावे ही करते रहे। कई बार वह मुद्दों से भटकते हुए दिखाई भी दिए। हालांकि, उन्होंने कहा कि राहुल और प्रियंका के भाषण को हम कैसे देखते हैं, इससे ज्यादा जरूरी यह है कि कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता उनके भाषण को कैसे देखते हैं। 

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प्रभासाक्षी के संपादक नीरज दुबे ने आगे कहा कि उड़ीसा के पूर्व विधायक ने चिट्ठी लिखी है कि प्रियंका गांधी को नेतृत्व सोप जाए। हालांकि, सिर्फ एक पूर्व विधायक ने ही अब तक यह बात नहीं कही है, कई ऐसे नेता है जो लगातार कांग्रेस में प्रियंका गांधी को नेतृत्व सौंपने की वकालत कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कई ऐसे नेता बराबर सामने आते हैं और यह सवाल करते हैं कि हमारी पार्टी क्यों कमजोर होती जा रही है, हम चुनाव क्यों नहीं जीत रहे हैं? हालांकि ऐसे नेताओं को अभी अनसुना किया जा रहा है। लेकिन आने वाले दिनों में यह नेता कांग्रेस पार्टी के लिए मुसीबत बन सकते हैं।

उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी का भाषण काफी मजबूत रखा। उन्होंने सौम्यता के साथ उसे पेश किया। वहीं राहुल गांधी का भाषण आक्रामक लगा और ऐसा लगा कि वह सिर्फ रील के हिसाब से अपना भाषण दे रहे हैं। नीरज दुबे ने दावा किया कि राहुल गांधी को जो लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी मिली है, उसे वह गंभीरता से निभाते हुए नजर नहीं आ रहे हैं। प्रियंका गांधी पहली बार की लोकसभा सांसद हैं। लेकिन उनमें गंभीरता काफी दिखाई देती है। बीजेपी साफ-साफ दावा करती है कि कांग्रेस में अब दो गुट बन चुके हैं। एक गुट में राहुल गांधी का है, दूसरे गुट में प्रियंका गांधी हैं। कर्नाटक में जो कुछ भी लड़ाई हो रही है, वह गुटबाजी की ही वजह से हो रही है। भाई बहन के जो आंतरिक मतभेद है, वह भी अब बाहर सामने आने लगे हैं।

प्रभासाक्षी के संपादक नीरज दुबे ने इस बात को भी स्वीकार किया कि राहुल गांधी की टीम में जो नेता हैं, वह एक पंचायत का चुनाव भी पार्टी को नहीं जितवा सकते हैं। लेकिन प्रियंका गांधी के टीम में ऐसे लोग हैं जिनकी जमीनी पकड़ मजबूत है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रियंका गांधी कई बार कांग्रेस के लिए गठबंधन में संकट मोचन की भूमिका निभा चुकी हैं। नीरज दुबे ने इस बात का भी दावा किया कि जो नेता कांग्रेस छोड़ रहे हैं, वह यह दवा जरूर करते हैं कि राहुल गांधी से मिलने नहीं दिया जाता है। अगर राहुल गांधी से हम मिल भी लें तो हमारी बात नहीं सुनी जाती है।

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