By रेनू तिवारी | Jun 03, 2026
जम्मू-कश्मीर में आतंकी नेटवर्क और उनके स्लीपर सेल के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। बुधवार को जम्मू-कश्मीर पुलिस की 'काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर' (CIK) इकाई ने घाटी के छह अलग-अलग जिलों में एक साथ बड़ी छापेमारी की। यह कार्रवाई आतंकवाद और पाकिस्तानी फंडिंग से जुड़े एक दशक पुराने मामले की जांच के सिलसिले में की गई है। अधिकारियों के मुताबिक, हाल ही में मिले ताजा खुफिया इनपुट, तकनीकी विश्लेषण (Technical Analysis) और जारी तफ्तीश के आधार पर घाटी के छह जिलों में आठ संदिग्ध ठिकानों की पहचान की गई थी, जहां बुधवार तड़के एक साथ दबिश दी गई।
सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि जिन संदिग्धों के ठिकानों पर छापेमारी की गई है, वे गोपनीय संचार माध्यमों (Encrypted Communication Apps) और सोशल मीडिया के जरिए सीधे पाकिस्तान में बैठे आतंकी आकाओं के संपर्क में थे।
इन संदिग्धों पर डिजिटल माध्यमों का उपयोग करके घाटी में चरमपंथी दुष्प्रचार (Extremist Propaganda) फैलाने और युवाओं का ब्रेनवॉश करने का गंभीर आरोप है। छापेमारी के दौरान सुरक्षा बलों ने कई डिजिटल उपकरण और संदिग्ध दस्तावेज जब्त किए हैं, जिनकी विस्तृत जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस कार्रवाई से कश्मीर में सक्रिय स्लीपर सेल के नेटवर्क को तोड़ने में बड़ी मदद मिलेगी।
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