By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 12, 2020
नयी दिल्ली। राजस्थान सरकार में सत्ता के लिये जारी रस्साकशी के बीच पार्टी के नेता सचिन पायलट के करीबी सूत्रों ने रविवार को कहा कि अपनी ही सरकार को अस्थिर करने की कथित कोशिश की जांच में पूछताछ के लिये पेश होने का उप मुख्यमंत्री को पत्र भेजे जाने से सारी हदें पार हो गई हैं। इससे, पायलट समर्थक विधायकों का मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के तहत काम करना मुश्किल हो गया है। सूत्रों ने पीटीआई-को बताया कि पायलट का समर्थन कर रहे विधायक पायलट को गहलोत खेमे द्वारा बार-बार कमजोर किये जाते नहीं देख सकते और पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) द्वारा उप मुख्यमंत्री को पत्र भेजे जाने का उद्देश्य उन्हें अपमानित करना है।
गहलोत और पायलट को नोटिस जारी किये जाने से पहले शुक्रवार को एसओजी ने हिरासत में लिये गये दो लोगों के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की थी। गहलोत सरकार को गिराने के लिये कांग्रेस विधायकों की खरीद-फरोख्त करने में कथित संलिप्तता को लेकर यह प्राथमिकी दर्ज की गई थी। गहलोत ने शनिवार को आरोप लगाया था कि भाजपा उनके विधायकों को मोटी रकम की पेशकश कर उनकी सरकार गिराने की कोशिश कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया था कि उनकी सरकार पांच साल का अपना कार्यकाल पूरा करेगी।