रांची हिंसा में पुलिस फायरिंग मामले की जांच करेगी CID, उपाधीक्षक एमएस मुंडा बनाया गया जांच अधिकारी

By अनुराग गुप्ता | Jul 06, 2022

रांची। भाजपा निलंबित नुपुर शर्मा के बयान को लेकर रांची में 10 जून को भड़की हिंसा की जांच सीआईडी करेगी। इस मामले में उपाधीक्षक एमएस मुंडा को जांच अधिकारी बनाया गया है। दरअसल, रांची हिंसा को लेकर विभिन्न थानों में 48 मामले दर्ज हैं, जिनमें से 47 मामलों की जांच रांची पुलिस कर रही है। जबकि एक मामले को सीआईडी ने ओवरटेक किया है।

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, सीआईडी के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सीआईडी की 3 सदस्यीय टीम मामले की जांच करेगी। उपाधीक्षक एमएस मुंडा को जांच अधिकारी बनाया गया है। 2 निरीक्षक राजेश कुमार और रविकांत जांच में उनकी सहायता करेंगे। हम कागजात और विवरण देख रहे हैं।

आपको बता दें कि 24 जून को एनएचआरसी के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए विशेष मामले को सीआईडी को स्थानांतरित कर दिया गया था। विभिन्न पुलिस थानों में कुल 48 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से एक को सीआईडी ने ओवरटेक कर लिया है। बाकी 47 मामलों की जांच रांची पुलिस कर रही है।

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हिंसा के दौरान पुलिस फायरिंग से पहले आंसू गैस के गोले दागे गए थे, ऐसे दावे किए गए। हिंसा को लेकर दर्ज मामले में बताया गया कि भीड़ लगातार पथराव कर रही थी और फायरिंग भी हुई। जिसको रोकने पर पुलिसकर्मियों के हथियार लूटने का प्रयास किया गया। इस दौरान पुलिस ने भीड़ को समझाने की कोशिश भी की लेकिन भीड़ नहीं मानी। इसके बाद आंसू गैस के गोले दागे गए फिर स्थिति नहीं सुधरी। प्रशासन द्वारा दर्ज एफआईआर में हवाई फायरिंग का जिक्र किया गया है।

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