RBI ने रेपो दर में नहीं किया कोई बदलाव, आर्थिक वृद्धि का अनुमान घटाया

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Dec 05, 2019

मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक ने बृहस्पतिवार को मौद्रिक नीति समीक्षा में नीतिगत दर में कोई बदलाव नहीं किया। केन्द्रीय बैंक ने मुख्य दर रेपो को 5.15 प्रतिशत पर बरकरार रखते हुये अर्थव्यवस्था को समर्थन देने के वास्ते अपने रुख को उदार बनाये रखा है। हालांकि, केंद्रीय बैंक ने इसके साथ ही 2019-20 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर का अनुमान एक प्रतिशत से ज्यादा घटाकर पांच प्रतिशत कर दिया। इससे पहले अक्टूबर में जारी मौद्रिक नीति समीक्षा में यह अनुमान 6.1 प्रतिशत पर था। 

चालू वित्त वर्ष में केंद्रीय बैंक की यह पांचवी द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा है। मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की तीन दिवसीय बैठक मंगलवार को शुरू हुई थी। मौद्रिक नीति समीक्षा में कहा गया है कि मौद्रिक नीति समिति ने माना है कि मौद्रिक नीति में भविष्य में कदम उठाए जाने की गुंजाइश बनी हुई है। बहरहाल, मौजूदा आर्थिक वृद्धि और मुद्रास्फीति आयामों को ध्यान में रखते हुए समिति ने इस समय दरों को अपरिवर्तित रखना उपयुक्त समझा।

इसे भी पढ़ें: निर्मला सीतारमण का ऐलान, अब 78% जमाकर्ता PMC बैंक से निकाल सकेंगे अपनी जमा पूंजी

आरबीआई ने कहा कि जब तक आवश्यकता होगी आर्थिक वृद्धि की गति बढ़ाने के लिए वह अपना नीतिगत रुख उदार बनाए रखेगा, साथ ही यह सुनिश्चित करेगा कि मुद्रास्फीति लक्ष्य के भीतर रहे। मौद्रिक नीति समिति के सभी छह सदस्यों ने रेपो दर को अपरिवर्तित रखने के पक्ष में अपनी सहमति दी है। केंद्रीय बैंक ने 2019-20 की दूसरी छमाही में खुदरा मुद्रास्फीति अनुमान को बढ़ाकर5.1-4.7 प्रतिशत और 2020- 21 की पहली छमाही में 4- 3.8 प्रतिशत कर दिया। इससे पहले वर्ष 2019 में फरवरी से लेकर अक्टूबर तक पिछली पांच द्विमासिक समीक्षाओं में रिजर्व बैंक ने रेपो दर में 1.35 प्रतिशत की कटौती कर चुका है।

All the updates here:

प्रमुख खबरें

Hardik Pandya से मिलने का सपना, टी20 वर्ल्ड कप में इटली के ऑलराउंडर थॉमस ड्राका की बड़ी उम्मीद

Premier League: Liverpool के खिलाफ फैसले पर भड़के हालैंड, VAR विवाद के बीच मैनचेस्टर सिटी की बड़ी जीत

Kylian Mbappe का फिर चला जादू, Valencia के खिलाफ गोल दागकर Real Madrid को दिलाई शानदार जीत

Olympic हादसे के बाद लिंडसे वॉन के लिए राफेल नडाल का भावुक संदेश, खेल जगत में चिंता