RBI की अहम बैठक की हुई शुरूआत, ब्याज दरों में कटौती होने की आशंका

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Oct 07, 2020

मुंबई। रिजर्व बैंक की नव-गठित मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने बुधवार को अपनी तीन-दिवसीय बैठक की शुरुआत की। समिति के बैठक के नतीजों की घोषणा शुक्रवार को होगी। समिति की यह बैठक ऐसे समय हो रही है, जब बढ़ती मुद्रास्फीति के कारण नीतिगत दर को यथावत रखे जाने के अनुमान हैं। एमपीसी की यह बैठक पहले 29 सितंबर से एक अक्टूबर के दौरान होने वाली थी। हालांकि नये स्वतंत्र सदस्यों की नियुक्ति में देरी के कारण बैठक का समय नये सिरे से तय किया गया। सरकार ने अब तीन प्रतिष्ठित अर्थशास्त्रियों आशिमा गोयल, जयंत आर वर्मा और शशांक भिडे को आरबीआई गवर्नर की अध्यक्षता वाली एमपीसी का सदस्य नियुक्त किया है। विशेषज्ञों ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित मुद्रास्फीति में तेजी के मद्देनजर नीतिगत दर में कमी नहीं कर सकता है। हालांकि उद्योग संगठनों का विचार है कि रिजर्व बैंक को कोविड-19 महामारी के कारण अर्थव्यवस्था के सुस्त पड़ने की गंभीर चुनौतियों के मद्देनजर नीतिगत ब्याज दरों में कमी का अपना रुख बनाये रखना चाहिये।

इसे भी पढ़ें: H&M ने भारत में पेश किया वैश्विक लॉयल्टी कार्यक्रम ‘एचएंडएम मेंबर’, जानिए इससे ग्राहक को क्या मिलेंगे फायदे

 रिसर्जेंट इंडिया की प्रबंध निदेशक ज्योति प्रकाश गादिया ने कहा कि आरबीआई को इस स्तर पर वृद्धि को तरजीह देना चाहिये, भले ही इसके कारण मुद्रास्फीति के मोर्चे पर कुछ कीमत चुकानी पड़े। फर्स्टरैंड बैंक के ट्रेजरी हेड हरिहर कृष्णमूर्ति ने कहा, हर किसी के साथ, मैं भी नीतिगत दर में कोई बदलाव नहीं होने की उम्मीद करता हूं, क्योंकि मुद्रास्फीति रिजर्व बैंक के लक्षित दायरे के स्तर से ऊपर है।’’ रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने अगस्त में हुई पिछली बैठक में नीतिगत दर को यथावत रखा था। हालांकि उससे पहले फरवरी के बाद से रिजर्व बैंक नीतिगत दर में 1.15 अंक की कटौती कर चुका है।

प्रमुख खबरें

जब जब देश के साथ खड़े होने की बात आती है, तब तब Rahul Gandhi की राह अलग क्यों हो जाती है?

CJP के Jantar Mantar प्रदर्शन पर भड़की BJP, Sambit Patra बोले- राजधानी को बंधक बनाने की साजिश हुई फ्लॉप

Shashi Tharoor ने Delhi में Internet और Metro बंदी पर केंद्र को घेरा, CJP सदस्यों की मांगी रिहाई

सुनील गावस्कर बोले: West Indies के खिलाफ 17वें ओवर में Kuldeep Yadav को गेंद थमाना भारत की बड़ी भूल