Shyama Prasad Mukherjee Death Anniversary: Nehru Cabinet से इस्तीफा, Article 370 का विरोध, Dr. Mukherjee की अनकही कहानी

By अनन्या मिश्रा | Jun 23, 2026

डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 23 जून को रहस्यमयी तरीके से मृत्यु हो गई थी। श्याम प्रसाद मुखर्जी जनसंघ के संस्थापक थे। वह देश की आजादी के बाद पहली नेहरू सरकार में केंद्रीय मंत्री थे। बाद में आर्टिकल 370 के तहत जम्मू-कश्मीर को स्वायत्ता देने को लेकर मुखर्जी और नेहरू में मतभेद हो गए और वह सरकार से अलग हो गए। तो आइए जानते हैं उनकी डेथ एनिवर्सरी के मौके पर श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...

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अखंड भारत का सपना

बता दें कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी आर्टिकल 370 का विरोध करते रहे। वह चाहते थे कश्मीर भी अन्य राज्यों की तरह देश के अखंड हिस्से में देखा जाए। वहां भी एक समान कानून रहे। यही वजह है कि जब नेहरू ने उनको अंतरिम सरकार में मंत्री का पद दिया, तो मुखर्जी ने कुछ समय बाद ही इस्तीफा दे दिया। कश्मीर मामले को लेकर श्यामा प्रसाद ने नेहरू पर तुष्टिकरण का आरोप लगाया। उन्होंने कहा था कि एक देश में दो निशान, दो विधान और दो प्रधान नहीं चलेंगे।

कश्मीर जाने पर गिरफ्तारी

इस्तीफा देने के बाद श्यामा प्रसाद मुखर्जी कश्मीर के लिए निकल पड़े। वह चाहते थे कि देश के इस हिस्से में जाने के लिए किसी की इजाजत लेने की जरूरत न हो। नेहरू की नीतियों के विरोध के कारण वह कश्मीर पहुंचकर अपनी बात कहना चाहते थे। लेकिन 11 मई 1953 को उनको श्रीनगर में गिरफ्तार कर लिया गया। तब वहां पर शेख अब्दुल्ला की सरकार थी। दो सहयोगियों समेत गिरफ्तार श्यामा प्रसाद मुखर्जी को पहले श्रीनगर की सेंट्रल जेल में रखा गया और फिर शहर के बाद एक कॉटेज में ट्रांसफर कर दिया गया।

बिगड़ती गई सेहत

एक महीने से अधिक कैद में रखे गए श्यामा प्रसाद मुखर्जी की सेहत लगातार बिगड़ती चली जा रही थी। उनको बुखार और पीठ में दर्द की लगातार शिकायत थी। वहीं 19-20 जून की रात उनमें प्लूराइटिस पाया गया। जोकि उनका साल 1937 और 1944 में भी हो चुका था। जिसके बाद उनको स्ट्रेप्टोमाइसिन का इंजेक्शन दिया था। लेकिन श्यामा प्रसाद मुखर्जी के डॉक्टर का कहना था कि यह दवा उनके शरीर को सूट नहीं करती थी, जिसके बाद भी उनको यह इंजेक्शन दिया गया।

मृत्यु

वहीं 22 जून को उनको सांस लेने में तकलीफ महसूस हुई। हॉस्पिटल में शिफ्ट करने पर हार्ट अटैक होना पाया गया। वहीं 23 जून 1953 को दिल का दौरा पड़ने से श्यामा प्रसाद मुखर्जी का निधन हो गया था।

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