By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 09, 2022
नयी दिल्ली। दिल्ली सरकार ने रविवार को यह कहते हुए प्रवासी श्रमिकों एवं व्यापारियों का डर कम करने का प्रयास किया कि रोजी-रोटी बचाने के लिए उसकी कोशिश है कि लॉकडाउन नहीं लगे और कम से कम कोविड पाबंदियां लगायी जायें। राष्ट्रीय राजधानी में पिछले कुछ दिनों से कोविड-19 रोजाना मामले तेजी से बढ़े हैं। प्रवासी श्रमिकों को 2020 तथा पिछली कोविड लहर की भांति लॉकडाउन लग जाने का अंदेशा है, ऐसे में उन्हें अपनी कमाई पर गहरी मार पड़ने एवं गंभीर वित्तीय संकट में फंस जाने का डर सता रहा है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने संवाददाता सम्मेलन में इस बात पर जोर दिया कि अस्पतालों में मरीजों की भर्ती की दर कम है और यदि सभी लोग मास्क लगाते हैं तो लॉकडाउन की जरूरत नहीं पड़ेगी।
अस्पतालों में बस 1480 मरीज हैं। मध्य दिल्ली में एक सरकारी निर्माण परियोजना में काम कर रहेसुधान मंडल (33) ने कहा, ‘‘ (अरविंद) केजरीवाल ने कहा है कि लॉकडाउन नहीं लगेगा। सप्ताहांत कर्फ्यू को तो संभल जाएगा। मैं आशा करता हूं कि स्थिति नहीं बिगड़ेगी।’’ सुधान 2020 के लॉकडाउन में पश्चिम बंगाल के मालदा में अपने घर चला गया था। यहां रिक्शा चला रहे झारखंड के साहिबगंज के स्वप्न जाधव (35) ने कहा, ‘‘ मेरे परिवार में चार बच्चों समेत छह सदस्य हैं। पिछले दो लॉकडाउन के दौरान मैं गांव चला गया था लेकिन वहां भी बमुश्किल काम मिला। मैं सप्ताहांत कर्फ्यू से तो किसी तरह निपट लूंगा लेकिन पूर्ण लॉकडाउन हमारी कमर तोड़ देगा।