By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 12, 2022
नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय द्वारा राजद्रोह कानून पर रोक लगाए जाने के बाद कानून मंत्री किरेन रीजीजू की लक्ष्मण रेखा संबंधी टिप्पणी पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने बृहस्पतिवार को सवाल उठाया। इस पर रीजीजू ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तथा राजद्रोह के संबंध में जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी सरकारों के फैसलों का जिक्र किया। उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद केंद्रीय विधि मंत्री रीजीजू ने कार्यपालिका और न्यायपालिका समेत विभिन्न संस्थानों के लिए ‘लक्ष्मण रेखा’ की बात कही और कहा कि किसी को इसे पार नहीं करना चाहिए।
चिदंबरम ने केंद्र पर तंज कसते हुए कहा, राजा के सभी घोड़े और राजा के सभी लोग उस कानून को नहीं बचा सकते। पूर्व केंद्रीय मंत्री पर हमला बोलने के लिए रीजीजू ने भी ट्विटर का ही सहारा लिया। उन्होंने कहा, ‘‘इसीलिए नेहरू जी पहला संशोधन लाए और श्रीमती इंदिरा गांधी ने भारत के इतिहास में पहली बार धारा 124ए को संज्ञेय अपराध बना दिया? रीजीजू ने दावा किया कि अन्ना आंदोलन और भ्रष्टाचार विरोधी अन्य आंदोलनों के दौरान नागरिकों को उत्पीड़न, धमकी और गिरफ्तारी का शिकार होना पड़ा था।