By Prabhasakshi News Desk | Jun 15, 2024
अरुणाचल प्रदेश की पश्चिम सीट से सांसद चुने गए किरण रिजिजु को एक बार फिर कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। इस बार वे संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मंत्रालय देखेंगे। तो वहीं मोदी सरकार के पिछले कार्यकाल में उन्होंने कानून और पृथ्वी मंत्रालय का कार्यभार संभाला था। किरन रिजिजू का राजनीतिक जीवन काफी शानदार रहा है। वह चौथी बार सांसद चुनकर आए हैं। उन्होंने अपनी राजनीति की शुरुआत भारतीय जनता पार्टी के साथ 2004 में शुरु की थी।
वे 2004 में पश्चिम अरुणाचल प्रदेश निर्वाचन क्षेत्र से 14वीं लोकसभा के लिए भी चुने गए थे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र में खूब काम किया और बुनियादी ढांचे को बढ़ाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता के लिए पहचान बनाई। किरण रिजिजु 2019 का लोकसभा चुनाव हार गए और बीजेपी छोड़ कांग्रेस में शामिल हो गए। तब उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री दोरजी खांडू के सलाहकार के रूप में काम किया। 2014 लोकसभा चुनाव से पहले वह वापस भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए और उनके राजनीतिक जीवन का एक बेहतरीन दौर शुरू हुआ।
रिजिजु ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'लुक ईस्ट नीति' को मजबूती दी और इस नीति को मजबूती देने की दिशा में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में उभरे। 2019 का लोकसभा चुनाव फिर से जीत कर संसद पहुंचे। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर के दौरान कई प्रमुख पदों पर काम किया। कम उम्र में वह बीजेपी में राष्ट्रीय सचिव जैसे उच्च पदों पर रहे। अपनी संसदीय यात्रा के दौरान रिजिजु कानून मंत्री बनाए गए और 2023 तक इस पद पर काम करते रहे। कानून मंत्री रहते समय अपने कार्यकाल के दौरान रिजिजु जजों की नियुक्ति और अदालत की जवाबदेही सहित कई मुद्दों पर न्यायपालिका के साथ टकराते नजर आए। उन्होंने कॉलेजियम सिस्टम को एलियन करार दिया था। हालांकि, न्यायपालिका की लगातार आलोचना करने के कारण उन्हें कानून मंत्री से हटकर पृथ्वी मंत्रालय भेज दिया गया था।