Dollar के सामने बेबस हुआ Rupee, ऐतिहासिक गिरावट से Economy पर मंडराया बड़ा संकट।

By Ankit Jaiswal | May 20, 2026

वैश्विक बाजार में बढ़ते तनाव का असर अब भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी साफ दिखाई देने लगा है। बुधवार को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। मौजूद जानकारी के अनुसार रुपया कारोबार के दौरान 96.96 प्रति डॉलर तक गिर गया, जो अब तक का रिकॉर्ड निचला स्तर माना जा रहा है। इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में रुपया 96.6150 के स्तर तक गिरा था। दिन के अंत में रुपया 96.82 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

गौरतलब है कि कच्चे तेल की कीमतें थोड़ी नरम जरूर हुईं, लेकिन अभी भी करीब 110 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। हालांकि उन्होंने तत्काल हमले को टालते हुए बातचीत के लिए कुछ और समय देने की बात कही है।

मौजूद जानकारी के अनुसार बढ़ती ऊर्जा कीमतों और कमजोर विदेशी निवेश प्रवाह ने भारत के चालू वित्त वर्ष के भुगतान संतुलन को लेकर चिंता बढ़ा दी है। विश्लेषकों का कहना है कि तेल आयात महंगा होने से भारत पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है, क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से खरीदता है।

डीबीएस बैंक के विश्लेषकों ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि यह बाहरी ऊर्जा संकट भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा झटका साबित हो रहा है और इसी कारण रुपया लगातार दबाव में बना हुआ है। बैंक ने वर्ष 2026 के लिए रुपये का अनुमानित दायरा पहले 90 से 95 प्रति डॉलर रखा था, जिसे अब बदलकर 95 से 100 प्रति डॉलर कर दिया गया है।

इस बीच बाजार में यह भी चर्चा रही कि सरकारी बैंकों ने डॉलर बेचकर रुपये को और ज्यादा गिरने से रोकने की कोशिश की। कारोबारियों का मानना है कि यह बिक्री भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से कराई गई हो सकती है। एक निजी बैंक के कारोबारी ने बताया कि बाजार में लगातार डॉलर की मांग बनी हुई है, जबकि बड़ी मात्रा में डॉलर की आपूर्ति मुख्य रूप से रिजर्व बैंक की ओर से ही आ रही है।

सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि एशिया के दूसरे देशों पर भी इस संकट का असर दिखाई दे रहा है। इंडोनेशिया के केंद्रीय बैंक ने अपनी मुद्रा रुपिया को संभालने के लिए उम्मीद से ज्यादा 50 आधार अंक की ब्याज दर बढ़ोतरी की है। इंडोनेशियाई मुद्रा भी हाल के दिनों में लगातार रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच रही थी।

आर्थिक जानकारों का कहना है कि अगर अमेरिका-ईरान तनाव जल्दी कम नहीं हुआ, तो आने वाले महीनों में तेल की कीमतें और बढ़ सकती हैं। इसका सीधा असर भारत जैसे तेल आयातक देशों की मुद्रा, महंगाई और आम लोगों की जेब पर पड़ सकता है।

प्रमुख खबरें

World Cup के बीच Barcelona में बड़ी हलचल, Lamine Yamal के बयान से Transfer Market में मची खलबली

अमेरिकी बेस पर Iran का बड़ा Missile Attack, Jordan ने हवा में ही किया नाकाम, तनाव चरम पर

Sanju Samson को बाहर करने पर R Ashwin का BCCI पर बड़ा हमला, बोले- यह सरासर नाइंसाफी है

Argentina की जीत पर Egypt का हंगामा, रेफरी विवाद पर FIFA का कड़ा जवाब- हमारे फैसलों पर सवाल न उठाएं।