By रेनू तिवारी | Jul 06, 2026
पश्चिम एशिया में तेजी से बदलते राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर अपनी 6 दिवसीय (5 से 10 जुलाई) खाड़ी देशों की यात्रा के पहले पड़ाव पर कतर पहुंचे। रविवार को उन्होंने कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल-थानी से मुलाकात की। इस उच्च स्तरीय बैठक में दोनों देशों के बीच ऊर्जा, व्यापार, निवेश और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर विस्तृत चर्चा हुई। जयशंकर पांच से 10 जुलाई तक कतर, बहरीन, कुवैत और ओमान की यात्रा पर हैं। खाड़ी देशों का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब अमेरिका और ईरान के बीच टकराव खत्म करने के समझौते के बाद पश्चिम एशिया में राजनीतिक हालात तेज़ी से बदल रहे हैं।
जयशंकर ने भारत-कतर साझेदारी को और मजबूत बनाने के लिए भारतीय समुदाय के अनुभवों और सुझावों की भी सराहना की। अपनी मौजूदा यात्रा के दौरान, जयशंकर खाड़ी क्षेत्र के चार देशों के अपने समकक्षों और शीर्ष नेताओं से मुलाकात करेंगे। इस दौरान वे द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के साथ-साथ क्षेत्रीय घटनाक्रम और आपसी हित के मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। हफ़्तों तक बढ़ते तनाव के बाद ईरान में युद्धविराम कराने के लिए पाकिस्तान के साथ-साथ कतर और ओमान भी मध्यस्थ के तौर पर सामने आए।
ईरान के मारे गए सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के शुक्रवार से हफ़्ते भर चलने वाले अंतिम संस्कार की रस्मों के बाद दोहा में अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष वार्ता जारी रहेगी। खाड़ी के चार देशों की यात्रा करने के बाद जयशंकर 13 जुलाई को न्यूयॉर्क जाएंगे, जहां वे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में 2028-29 के कार्यकाल के लिए भारत के आधिकारिक अभियान की शुरुआत करेंगे।
इसके बाद, वह 14-15 जुलाई को ब्रसेल्स में तीसरी भारत-यूरोपीय संघ व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद की बैठक में शामिल होंगे और यूरोपीय संघ तथा बेल्जियम के अपने समकक्षों के साथ बातचीत करेंगे।
Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi