By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 30, 2026
भारत के स्पिन गेंदबाजी कोच साईराज बहुतुले ने कहा है कि अनुभवी स्पिनर कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती इस बात से अच्छी तरह वाकिफ हैं कि न्यूजीलैंड के खिलाफ जारी टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में टीम का हिस्सा होने के बावजूद उन्हें खेलने का मौका शायद नहीं मिले क्योंकि टीम प्रबंधन फिलहाल अपने पसंदीदा गेंदबाजी संयोजन के साथ ही उतर रहा है। दोनों स्पिनरों को चौथे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में भी अंतिम एकादश में जगह नहीं मिली। इस मैच में भारतीय गेंदबाजों का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा और न्यूजीलैंड ने सात विकेट पर 259 रन बनाए और फिर भारतीय टीम 87 रन से मुकाबला हार गई।
लेकिन टीम को जिस तरह के गेंदबाजी संयोजन की जरूरत है, उसे समझना भी जरूरी है। हो सकता है कि उन्हें खेलने का मौका नहीं मिले। वे इस बात से अच्छी तरह परिचित हैं।
’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसके बावजूद वे लगातार अभ्यास और मेहनत कर रहे हैं। जब भी टीम को उनकी जरूरत होगी, वे खेलने के लिए तैयार रहेंगे। मेरा मानना है कि यह सिर्फ उन्हें मौका देने की बात है।
’’ स्पिन गेंदबाजी कोच ने उम्मीद जताई कि दोनों खिलाड़ियों को अगले टी20 मुकाबले या आगामी एकदिवसीय सीरीज में अवसर मिल सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘उम्मीद है कि अगले मैच और आने वाली वनडे सीरीज (वरुण चक्रवर्ती वनडे टीम का हिस्सा नहीं हैं) में उन्हें मौका मिलेगा। ’’ टीम की स्पिन गेंदबाजी रणनीति पर बात करते हुए बहुतुले ने कहा कि गेंदबाजों को आक्रामक गेंदबाजी करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मैच की परिस्थितियों के अनुसार रक्षात्मक गेंदबाजी करना भी आक्रामक रणनीति का हिस्सा हो सकता है। उन्होंने पावरप्ले में अक्षर पटेल की गेंदबाजी क्षमता और अलग-अलग ओवरों में जिम्मेदारी निभाने की उनकी काबिलियत की भी सराहना की। साथ ही कहा कि कुलदीप और वरुण पारी के किसी भी चरण में गेंदबाजी करने के लिए तैयार हैं।
बहुतुले ने कहा, ‘‘हम अपने गेंदबाजों को आक्रामक गेंदबाजी करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। कभी-कभी रक्षात्मक गेंदबाजी करना भी आक्रामक भूमिका निभाने जैसा होता है। हमें मैच की अलग-अलग परिस्थितियों से निपटना होता है।
अक्षर पावरप्ले में गेंदबाजी करते हैं और उन्हें जिस भी ओवर में जिम्मेदारी दी जाती है, वह उसे बखूबी निभाते हैं। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब आपके पास वरुण और कुलदीप जैसे गेंदबाज विकल्प के रूप में मौजूद हों, तो वे भी पारी के किसी भी चरण में गेंदबाजी करने के लिए तैयार रहते हैं। ऐसी परिस्थितियों में उनकी भूमिका अलग होती है।
हालांकि उन्हें यह स्पष्ट रूप से बता दिया जाता है कि टीम उनसे क्या उम्मीद करती है।