By अभिनय आकाश | Oct 17, 2026
सुप्रीम कोर्ट ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष को जमानत दे दी है। उन पर कथित वित्तीय अनियमितताओं और अयोग्य उम्मीदवारों को दाखिला दिलाने के लिए मेरिट स्कोर में हेरफेर करने का आरोप है। जस्टिस एम.एम. सुंदेश और जस्टिस पी.बी. वराले की बेंच ने कलकत्ता हाई कोर्ट के 23 फरवरी के उस आदेश के खिलाफ घोष की अपील को स्वीकार कर लिया, जिसमें उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने उनके लंबे समय तक हिरासत में रहने और मुकदमे की धीमी गति को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया। पीठ ने गौर किया कि घोष दो साल से अधिक समय से हिरासत में हैं और 147 गवाहों में से अब तक केवल सात गवाहों से ही पूछताछ हुई है।
ये आरोप कॉलेज में हुई वित्तीय अनियमितताओं और मेरिट स्कोर में हेरफेर करके अयोग्य उम्मीदवारों को दाखिला दिलाने से जुड़े हैं। 7 जनवरी 2025 को ट्रायल कोर्ट द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने और 23 फरवरी 2026 को कलकत्ता हाई कोर्ट द्वारा उनकी अपील ठुकरा दिए जाने के बाद, घोष ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अब सुप्रीम कोर्ट ने हिरासत में बिताए गए समय और ट्रायल के मौजूदा चरण को ध्यान में रखते हुए उन्हें जमानत दे दी है।