श्रावण पूर्णिमा को मनाया जाता है संस्कृत दिवस, जानें इसका इतिहास

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 21, 2021

भारत की सबसे प्राचीन भाषा है संस्कृत। यह एक ऐसी भाषा भी है जिससे असंख्य भाषाएँ निकली हैं यही नहीं आज के आधुनिक दौर में भी लगभग हर क्षेत्र में संस्कृत की प्रासंगिकता पूरी तरह बनी हुई है। संस्कृत को भाषाओं की जननी भी कहा जाता है। इस जननी ने सिर्फ भारत में ही नहीं अपितु विदेशों में भी भाषाओं को जन्मा है। देश में तो कुछ राज्यों की यह आधिकारिक भाषा भी है। केंद्र में मोदी सरकार आने के बाद से इस भाषा को बढ़ावा मिला है और संस्कृत महाविद्यालयों के निर्माण के साथ ही संस्कृत की शिक्षा देने वाले आचार्यों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं। भारत के प्राचीन ग्रंथ और वेद पुराण आदि सभी संस्कृत में ही लिखे गये हैं। कई जगह यह उल्लेख मिलता है कि महाभारत काल में वैदिक संस्कृत का उपयोग किया जाता था।

इसे भी पढ़ें: विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस क्या है? यह कब और क्यों मनाया जाएगा?

संस्कृत दिवस के दिन रक्षाबंधन होने के कारण अधिकतर जगह अवकाश रहता है इसीलिए जिस सप्ताह में यह दिवस पड़ता है, उस सप्ताह को संस्कृत सप्ताह के रूप में मनाये जाने की परम्परा अपने यहाँ वर्षों से चल रही है। देश के अधिकतर विद्यालयों और महाविद्यालयों में इसे पारम्परिक उल्लास के साथ मनाया जाता है। उत्तराखण्ड की तो आधिकारिक भाषा ही संस्कृत है इसीलिये संस्कृत सप्ताह में प्रतिदिन संस्कृत भाषा में अलग-अलग कार्यक्रम व प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं। संस्कृत के छात्र-छात्राओं द्वारा ग्रामों अथवा शहरों में झांकियाँ निकाली जाती हैं। संस्कृत दिवस एवं संस्कृत सप्ताह मनाने का मूल उद्देश्य संस्कृत भाषा का प्रचार प्रसार करना है।

प्रमुख खबरें

Amravati Hospital Fire: एनआईसीयू में आग से 3 नवजातों की मौत, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

मत हो उदास, त्यौहारों में बरकरार रखेगी मिठास, ISMA का बड़ा बयान- देश में चीनी की कोई कमी नहीं, जल्‍द कीमतें कम होंगी

Amravati NICU Fire: नर्सों ने बचाई 36 नवजातों की जान, हादसे में 3 की मौत

Maharashtra Marathi Controversy: ऑटो-टैक्सी ड्राइवरों के साथ नहीं होगा अन्याय, CM Fadnavis ने दिया बड़ा भरोसा