चम्बल के संत हरिगिरी महाराज शराबबंदी के खिलाफ मुरैना से शुरू करेंगे अभियान

By दिनेश शुक्ल | Feb 20, 2021

मुरैना।मध्य प्रदेश में जहरीली शराब से हुई लोगों की मौत के बाद लगातार शराबबंदी को लेकर अभियान चलाए जाने की बात उठ रही है। जहां पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की वरिष्ठ नेता उमा भारती ने प्रदेश में शराबबंदी को लेकर अभियान छेड़ने की बात कही थी तो वही अब शराबबंदी को लेकर संत हरिगिरी महाराज मुरैना जिले के गाँव-गाँव शराबबंदी के लिए पदयात्रा निकालेंगे।

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प्रदेश के मुरैना जिले के बाद सम्पूर्ण मध्य प्रदेश में शराबबंदी का संकल्प लेने वाले संत हरिगिरी महाराज गांव-गांव पदयात्रा करेंगे। ग्वालियर के शीतला माता मंदिर से 22 फरवरी को संत महात्माओं और सर्व समाज के लोगों द्वारा पदयात्रा आरंभ की जायेगी। शराब से होने वाले नुकसान के बारे में ग्रामीणजनों को अवगत कराया जायेगा। तो वही ग्रामीणों को यह संकल्प दिलाया जायेगा कि वह शराब का त्याग कर दें। यह पदयात्रा ग्वालियर से आरंभ होकर मुरैना के शनि मंदिर, करहधाम मंदिर व मुरैना शहर होते हुये चम्बल किनारे बसे गांवों तक पहुंचेंगी। यह निर्णय शनिवार को मुरैना के विण्डवा चम्बल गांवों में संत हरिगिरी महाराज के मार्गदर्शन में सर्व समाज की एक पंचायत में लिया गया।

 

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वहाँ उपस्थित जन समुदाय से संत हरिगिरी महाराज ने कहा कि युवा पीढ़ी की सोचने की शक्ति समाप्त हो रही है। वहीं शराब से मानवता भी मर रही है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुये कहा कि सरकार को मानवता की परवाह नहीं हैं। हालांकि शराब बंदी से होने वाले आर्थिक नुकसान की भरपाई के लिये वह अन्य उपायों पर काम करने की बात कह रहे हैं। ज्ञात हो कि संत हरिगिरी महाराज के प्रयासों से गुर्जर समुदाय में विवाह में दहेज और मृत्युभोज जैसी सामाजिक कुरीतियों को न्यूनतम कर दिया है। वहीं समाज के चम्बल किनारे के गांवों में शराबबंदी लागू कर दी गई है। इससे समाज के शिक्षित और विकसित मानसिकता के हजारों युवक संत के अनुयायी हो गये हैं।

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