SC ने यमुना की सफाई को लेकर हरित अधिकरण द्वारा गठित समिति से रिपोर्ट मांगी

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 19, 2021

नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को यमुना नदी के जल की गुणवत्ता में सुधार के लिये राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा गठित समिति से उसकी सिफारिशों और उन पर संबंधित प्राधिकारियों द्वारा किये गये अमल की रिपोर्ट मांगी। अधिकरण ने यमुना की सफाई को लेकर 26 जुलाई, 2018 को एक निगरानी समिति गठित की थी और उससे इस संबंध में एक कार्य योजना पेश करने का निर्देश दिया था।

इसे भी पढ़ें: 'तांडव' की टीम की माफी के बाद भी नहीं थम रहा विवाद, कई शहरों में वेब सीरीज के खिलाफ FIR दर्ज

इससे पहले, शीर्ष अदालत ने देश में नदियों के प्रदूषित होने का स्वत: संज्ञान लिया था और सबसे पहले यमुना नदी के प्रदूषण के मामले पर विचार करने का फैसला किया था। न्यायालय ने विषाक्त कचरा प्रवाहित होने की वजह से नदियों के प्रदूषित होने का संज्ञान लेते हुये कहा था कि प्रदूषण मुक्त जल नागरिकों का मौलिक अधिकार है और शासन यह सुनिश्चित करने के लिये बाध्य है। न्यायालय ने केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को यमुना नदी के किनारे स्थित उन नगरपालिकाओं की पहचान कर उनके बारे में रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है, जिन्होंने मल शोधन संयंत्र नहीं लगाये हैं।

प्रमुख खबरें

Delhi Police Intelligence System | बड़े विरोध प्रदर्शनों से पहले दिल्ली पुलिस मजबूत करेगी अपना इंटेलिजेंस नेटवर्क, स्पेशल ब्रांच रखेगी हर हलचल पर नजर

Daily Egg Consumption: रोजाना अंडा खाने से शरीर में क्या बदलाव आते हैं? जानिए इसके Health Benefits

UPI के 10 साल पूरे, PM Modi ने सराहा, 13 हजार गुना बढ़े डिजिटल लेनदेन

Famous Temple: मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक Matangeshwar Temple में साक्षात महादेव, जानिए मंदिर का रोचक इतिहास