तीन तलाक बिल के खिलाफ जनहित याचिका पर SC ने मोदी सरकार से मांगा जवाब

By अभिनय आकाश | Aug 23, 2019

तीन तलाक को अपराध करार देने वाले कानून के वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर उच्चतम न्यायालय विचार करने के लिए सहमत हो गया। उच्चतम न्यायालय ने तीन तलाक पर लागू किए गए नए कानून को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। जस्टिस एनवी रमन्ना और जस्टिस अजय रस्तोगी की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिका पर सुनवाई की। पीठ ने वरिष्ठ वकील सलमान खुर्शीद से कहा कि वह ‘इस पर विचार करेंगे।’खुर्शीद एक याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए थे। खुर्शीद ने पीठ से कहा कि एक साथ तीन तलाक को दंडात्मक अपराध बनाने और करीब तीन साल की सजा होने सहित इसके कई आयाम है इसलिए शीर्ष न्यायालय को इस पर विचार करने की जरूरत है। जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने उच्चतम न्यायालय याचिका डाली थी। जिसमें कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट एक साथ 3 तलाक को अमान्य कह चुका है, ऐसे में कानून की ज़रूरत नहीं थी। याचिका में कहा गया कि पति के जेल जाने से पत्नी की मदद नहीं होगी। लापरवाही से जान लेने जैसे अपराध के लिए 2 साल की सज़ा है और तलाक़ के लिए 3 साल की।

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