समाज कल्याण में हो विज्ञान का उपयोग: राज्यपाल

By विजयेन्दर शर्मा | Feb 28, 2022

पालमपुर  ।    राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर ने कहा कि विज्ञान का वास्तविक उपयोग समाज के हित में होना चाहिए। राज्यपाल ने आज कांगड़ा जिले के सीएसआईआर-हिमालय जैव-संपदा प्रौद्योगिकी संस्थान, पालमपुर में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान यह बात कही।

इसे भी पढ़ें: शिवरात्रि में शिवमयी हो जाता है उत्तर भारत का प्रसिद्ध धाम बैजनाथ शिव मंदिर

उन्होंने कहा कि हमने अध्यात्म को विज्ञान से जोड़ा है ताकि विज्ञान का उपयोग मानव कल्याण के लिए किया जाए। उन्होंने कहा कि यह देश के अग्रणी संगठन वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद की प्रतिष्ठित प्रयोगशाला है। इस वर्ष के राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का विषय सतत भविष्य के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी में एकीकृत दृिष्टकोण है। उन्होंने सन्तोष व्यक्त करते हुए कहा कि यह संस्थान देश के साथ-साथ हिमाचल और अन्य पहाड़ी लोगों के लिए प्रासंगिक प्रौद्योगिकी के विकास और प्रसार के लिए कार्यरत है।

इसे भी पढ़ें: तिब्बती नव वर्ष के अवसर पर तिब्बती मुख्य मंदिर मैक्लोडगंज 3 मार्च से खुल जाएगा

उन्होंने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि सीएसआईआर-आईएचबीटी में अनुसंधान कार्य समाज के हित में किया जा रहा है और अधिकांश शोध कृषक कल्याण के लिए समर्पित हैं। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक खोज से समाज को लाभ होना चाहिए और यही हर वैज्ञानिक का लक्ष्य होना चाहिए।

इसे भी पढ़ें: नगर निगम शिमला को लेकर सीनियर लीडरों की ड्यूटी तय : टंडन

इस अवसर पर सीएसआईआर-आईएचबीटी के निदेशक संजय कुमार ने राज्यपाल का स्वागत किया और कहा कि संस्थान राष्ट्रहित में कार्य करना निरंतर जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि संस्थान का उद्देश्य सामाजिक, औद्योगिक और पर्यावरणीय लाभ के लिए हिमालयी जैव संसाधनों के उपयोग के माध्यम से जैव अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए प्रौद्योगिकी विकसित करना है। उन्होंने कहा कि संस्थान के पास इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए एग्रोटेक्नोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी, केमिकल टेक्नोलॉजी, डायटेटिक्स एवं न्यूट्रिशन टेक्नोलॉजी और पर्यावरण प्रौद्योगिकी सहित पांच प्रमुख तकनीकी प्लेटफार्म हैं।

इसे भी पढ़ें: उज्जैन सरीखा है हिमाचल का कालीनाथ कालेश्वर महादेव मंदिर ,यहां किया था महाकाली ने प्रायश्चित

उन्होंने कहा कि एससीआईमैगो इंटरनेशनल ने देश के 37 सीएसआईआर संस्थानों में सीएसआईआर-आईएचबीटी को 9वें स्थान पर और नेचर रेंकिंग इण्डेक्स-2020 द्वारा सीएसआईआर को देश में शीर्ष वैज्ञानिक अनुसंधान संस्थान के रूप में स्थान दिया गया है। उन्होंने कहा कि सीएसआईआर-आईएचबीटी ने जून 2015 से 62 तकनीक विकसित की है और पिछले 6 वर्षों के दौरान कुल 481 समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षरित किए हैं। उन्होंने कहा कि इस संस्थान से वर्तमान में 50 स्टार्टअप और 17 इनक्यूबेट जुड़े हुए हैं।

इसे भी पढ़ें: नगर निगम शिमला के चुनावों की बैठक के लिए संजय टंडन पहुंचे शिमला

उन्होंने इनक्यूबेटीज, स्टार्ट-अप और उद्यमियों के साथ भी बातचीत की। उन्होंने सीएसआईआर-आईएचबीटी, पालमपुर की प्रौद्योगिकी का उपयोग करने के  प्रयासों की सराहना की।

राज्यपाल ने संस्थान के नए प्रयोगशाला ब्लॉक की आधारशिला रखी। उन्होंने परिसर में एक यलो बेल का पौधरोपण भी किया। इसके पश्चात उन्होंने ट्यूलिप गार्डन का लोकार्पण भी किया। राज्यपाल ने इस अवसर पर किसानों को बीज, औषधीय पौधे और पौधों की उन्नत किस्मों का भी वितरण किया

राज्यपाल ने वर्चुअल माध्यम से मंडी, कांगड़ा और चंबा में स्थापित छह नई तेल आसवन इकाइयां भी प्रेदशवासियों को समर्पित की। राज्यपाल ने इन क्षेत्रों के किसानों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत भी की। उन्होंने सीडर हाइड्रोलाइज़ेट स्टार्ट-अप का शुभारम्भ भी किया। इस अवसर पर राज्यपाल की उपस्थिति में प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के लिए दो समझौता ज्ञापन भी हस्ताक्षरित किए गए। उन्होंने इस अवसर पर संस्थान के प्रकाशनों का भी विमोचन किया। इस अवसर पर उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल, पुलिस अधीक्षक, डॉ. खुशाल शर्मा, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रगतिशील किसान भी उपस्थित थे।

प्रमुख खबरें

Independence Day Special: बिना किसी महंगे Software के ऐसे बनाएं देशभक्ति वाले Portraits, आ गए नए AI Prompts

नेपाल के पूर्व PM देउबा, जिन्हें Gen-Z के विरोध-प्रदर्शन में मार पड़ी थी, इलाज के लिए महीनों विदेश में रहने के बाद लौटे; उनका ज़ोरदार स्वागत हुआ

PM Modi ने फोन पर जाना Sukhbir Badal का हाल, Nanded में हुआ था कृपाण से हमला

Kerala Pareeksha Bhavan: मंत्री N Samsuddeen का औचक निरीक्षण, 15 दिनों में SSLC Certificate देने का आदेश