By प्रेस विज्ञपति | Mar 15, 2026
केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री तथा गुना सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कल शनिवार को गुना जिले के उमरी गांव में दूरसंचार विभाग की “समृद्ध ग्राम फिजिटल सेवाएं” पायलट पहल के अंतर्गत एकीकृत Phygital (Physical + Digital) सेवा केंद्र - समृद्धि केंद्र का उद्घाटन किया। यह पहल भारतनेट के तहत विकसित उच्च गति ब्रॉडबैंड अवसंरचना को केवल इंटरनेट कनेक्टिविटी तक सीमित न रखते हुए, उसे ग्रामीण जीवन को सीधे प्रभावित करने वाली नागरिक-केंद्रित सेवाओं के एक समग्र मंच में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से डिजिटल कनेक्टिविटी को गांवों में वास्तविक सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के साधन के रूप में स्थापित करने का प्रयास किया गया है। इस पहल के साथ आरी देश का पहला ऐसा गांव बन गया है, जहां स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा और विभिन्न सरकारी सेवाएं ग्रामीणों को एक ही छत के नीचे, सहज और सुलभ तरीके से उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे ग्रामीणों को बुनियादी सेवाओं के लिए दूर-दराज के शहरों की ओर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, बल्कि आधुनिक डिजिटल सुविधाओं के माध्यम से ये सभी सेवाएं उनके अपने गांव में ही उपलब्ध होंगी।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि गुना के उमरी में समृद्ध ग्राम पहल की शुरुआत के साथ तकनीक और अवसरों की दुनिया अब सीधे गाँव तक पहुँच रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य और सरकारी सेवाओं तक पहुँच अब डिजिटल माध्यमों के जरिए ग्रामीण नागरिकों के हाथों में नए अवसर लेकर आ रही है। उन्होंने बताया कि डिजिटल उपकरणों के माध्यम से किसानों को मिट्टी की नमी, पोषक तत्वों और फसल के स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी प्राप्त होगी, जिससे खेती अधिक स्मार्ट और उत्पादक बन सकेगी। छात्रों को आधुनिक शिक्षण संसाधनों तक पहुँच मिलेगी, जबकि उमरी के नागरिकों को यहीं पर बुनियादी जांच सुविधाएँ और टेली-परामर्श के माध्यम से देश के विभिन्न हिस्सों के चिकित्सकों से स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध हो सकेंगी। खून परीक्षण रिपोर्ट भी 30 मिनट से कम समय में प्राप्त की जा सकेगी।
केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि यह एकीकृत फिजिटल सेवा केंद्र ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, वित्तीय और ई-गवर्नेंस सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि भारतनेट के माध्यम से देश में विश्व की सबसे बड़ी ग्रामीण ब्रॉडबैंड अवसंरचनाओं में से एक का निर्माण हुआ है और अब उसका प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना अगला महत्वपूर्ण चरण है।
उमरी स्थित समृद्धि केंद्र को एक सिंगल-विंडो ग्रामीण सेवा केंद्र के रूप में विकसित किया गया है, जहाँ नागरिकों को स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास, कृषि, वित्तीय सेवाएँ, ई-गवर्नेंस सहायता, उद्यमिता प्रोत्साहन और डिजिटल कनेक्टिविटी सेवाएँ एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। केन्द्र में कनेक्टिविटी सेवाएँ भारतनेट समर्थित उच्च गति FTTH ब्रॉडबैंड तथा पीएम-वाणी ढाँचे के तहत सार्वजनिक वाई-फाई के माध्यम से प्रदान की जाएंगी। केन्द्र में मिलने वाले सेवाएं निम्न हैंः
* टेलीमेडिसिन परामर्श
* हेल्थ एटीएम के माध्यम से बुनियादी स्वास्थ्य जांच
* प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना के तहत किफायती दवाओं की उपलब्धता
* शिक्षा और कौशल विकास के लिए स्मार्ट क्लासरूम
* डिजिटल लर्निंग सुविधाएँ तथा राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान द्वारा समर्थित डिजिटल प्रशिक्षण कार्यक्रम
* कृषि सेवाओं के अंतर्गत मिट्टी परीक्षण सहायता और कृषि परामर्श
* आधुनिक खेती की तकनीकों तक पहुँच और ड्रोन आधारित कृषि सेवाएँ
* सरकारी योजनाओं की जानकारी, प्रमाणपत्र जारी करने में सहायता, डिजिटल दस्तावेजीकरण और अन्य ऑनलाइन नागरिक सेवाएं
* वित्तीय सेवाओं के अंतर्गत बैंकिंग और डिजिटल भुगतान सुविधाएँ
* वित्तीय साक्षरता सहायता और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म तक पहुँच
समृद्धि केंद्र समुदाय आधारित मॉडल पर संचालित होगा, जिसमें प्रशिक्षित स्थानीय युवा विलेज लेवल एंटरप्रेन्योर (VLE) के रूप में कार्य करेंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और पहल की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित होगी। इस पहल का क्रियान्वयन दूरसंचार विभाग द्वारा डिजिटल एम्पावरमेंट फाउंडेशन के साथ साझेदारी में किया जा रहा है, जो स्थानीय भागीदारी, क्षमता निर्माण और संचालन प्रबंधन में सहयोग प्रदान कर रहा है।