By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 18, 2023
बेंगलुरु। मानवाधिकार कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ ने शुक्रवार को कहा कि उन्हें भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी) में व्याख्यान देने से रोका गया क्योंकि प्रशासन ने अंतिम समय में बैठक रद्द कर दी थी। जानकारी के मुताबिक, ‘ब्रेक द साइलेंस’ नामक समूह ने बुधवार शाम को आईआईएससी परिसर में कार्यक्रम का आयोजन किया था और यह कार्यक्रम सीसीई व्याख्यान सभागार में होना था। सीतलवाड़ ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में कहा कि अधिकारियों ने उन्हें सभागार में प्रवेश की अनुमति देने से अंतिम समय में इनकार कर दिया, जिसके कारण उन्हें आईआईएससी भोजनालय के बाहर बगीचे में बैठक करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
सीतलवाड़ ने कहा, ‘‘21वीं सदी के आधुनिक भारत में सांप्रदायिक सद्भाव एवं शांति वर्जित शब्द नहीं हो सकते।’’ कार्यक्रम के आयोजकों ने कहा कि सीतलवाड़ ने भारत में सांप्रदायिक दंगों और ‘‘मुसलमानों एवं असहमति जताने वालों के उत्पीड़न’’ पर बात की। आईआईएससी के अधिकारियों से इस मामले में अभी प्रतिक्रिया नहीं मिली है। उच्चतम न्यायालय ने 2002 के गोधरा कांड के बाद हुए दंगों से जुड़े मामलों में निर्दोष लोगों को फंसाने के लिए कथित तौर पर सबूत गढ़ने के सिलसिले में सीतलवाड़ को पिछले महीने नियमित जमानत दे दी थी।