By नीरज कुमार दुबे | Jan 28, 2026
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विमान हादसे में मृत्यु के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार और बहन सुप्रिया सुले का रो रोकर बुरा हाल है। अजित पवार के चाचा शरद पवार भी बारामती पहुँच चुके हैं। अजित पवार की मृत्यु के कुछ घंटों बाद बारामती पहुंचने पर अत्यंत दुखी एवं गंभीर नजर आ रहे शरद पवार ने पूछा, “यह सब कैसे हुआ?” हम आपको बता दें कि 85 वर्षीय शरद पवार ) और उनकी पत्नी प्रतिभा पवार खबर सुनते ही मुंबई से हेलीकॉप्टर से अपने गृहनगर के लिए रवाना हो गए थे। उन्हें लेने आए लोगों से पवार को पूछते हुए सुना गया, “यह कैसे हुआ?” बाद में वह उस अस्पताल के लिए रवाना हो गए जहां अजित पवार का शव रखा गया है। हम आपको बता दें कि अजित पवार का अंतिम संस्कार उनके गृह नगर बारामती में गुरुवार सुबह 11 बजे होगा।
इस बीच, देशभर से अजित पवार के निधन पर संवेदना जताई जा रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज राकांपा (एसपी) प्रमुख शरद पवार से बात की और बारामती विमान दुर्घटना में उनके भतीजे एवं महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन पर शोक व्यक्त किया। अधिकारियों ने बताया, ‘‘प्रधानमंत्री ने शरद पवार से बात की और अजित पवार के निधन पर अपनी संवेदना व्यक्त की।’’ बाद में प्रधानमंत्री ने दिल्ली में एनसीसी कैडेटों की परेड को संबोधित करते हुए भी अजित पवार के निधन पर शोक जताया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह विमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की असामयिक मृत्यु से बेहद दुखी और स्तब्ध हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि अजित पवार आम लोगों के नेता थे और जमीनी स्तर पर उनकी पकड़ काफी मजबूत थी।
वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि पवार की मृत्यु न केवल राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) परिवार, बल्कि उनके लिए भी एक ‘‘व्यक्तिगत क्षति’’ है। उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘आज एक दुखद हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एवं राजग के हमारे वरिष्ठ साथी अजित पवार जी को खो देने की सूचना से मन अत्यंत व्यथित है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अजित पवार ने बीते साढ़े तीन दशकों में जिस प्रकार महाराष्ट्र के हर वर्ग के कल्याण के लिए खुद को समर्पित किया, उसे शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। वह जब भी मिलते थे, महाराष्ट्र की जनता के कल्याण संबंधी अनेक विषयों पर लंबी चर्चा करते थे। उनका जाना राजग परिवार के साथ ही मेरे लिए भी व्यक्तिगत क्षति है।’’ शाह ने कहा, ‘‘मैं पवार परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। शोक की इस घड़ी में पूरा राजग शोक-संतप्त पवार परिवार के साथ मजबूती से खड़ा है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें। ओम शांति शांति शांति।’’
वहीं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को विमान दुर्घटना में उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मौत को अविश्वसनीय बताया और कहा कि उन्होंने एक अच्छा मित्र खो दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अजित पवार की मृत्यु से एक ऐसा खालीपन आ गया है जिसे कभी भरा नहीं जा सकेगा। उन्होंने कहा, ‘‘उनके साथ बेहद करीब से काम करने के बाद यह विश्वास कर पाना मुश्किल हो रहा है कि वह अब हमारे बीच नहीं रहे।’’ पत्रकारों से बात करते हुए फडणवीस ने पवार को एक जननेता बताया जो राज्य को बहुत अच्छी तरह से जानते थे और महाराष्ट्र के मुद्दों की गहरी समझ रखते थे। उन्होंने कहा कि इस तरह का नेतृत्व उभरने में कई साल लग जाते हैं।
फडणवीस ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को इस त्रासदी के बारे में जानकारी दे दी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने अजित पवार की चचेरी बहन सुप्रिया सुले और उनके बेटे पार्थ पवार से भी बात की है। उन्होंने कहा कि इस दुख की घड़ी में पूरा राज्य पवार परिवार और उनकी पार्टी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के साथ खड़ा है।
वहीं शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने अजित पवार की मौत पर शोक जताया और कहा कि राकांपा प्रमुख ने भले ही राजनीति में अलग रास्ता चुन लिया था, लेकिन उन्होंने आपसी रिश्तों को कभी खराब नहीं होने दिया। उद्धव ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि पवार की मौत से उन्होंने एक दृढ़ नेता और उत्कृष्ट पूर्व कैबिनेट सहयोगी खो दिया है। उन्होंने लिखा कि वित्त मंत्री के रूप में पवार एक बेहद अनुशासित नेता थे, जिनकी अपने विभाग पर मजबूत पकड़ थी। हम आपको याद दिला दें कि पवार ने महाराष्ट्र में 2019 से 2022 तक उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली तत्कालीन महा विकास आघाडी (एमवीए) सरकार में उपमुख्यमंत्री के रूप में सेवाएं दी थीं। उद्धव ठाकरे ने कहा, “सहयोगी होने के नाते हमारे बीच एक खास रिश्ता बन गया था। अजित पवार खुले दिल के थे। वह बेबाक राय रखते थे। वह किसी से लंबे समय तक बैर नहीं रखते थे। अजित पवार ने भले ही राजनीति में अलग राह चुनी, लेकिन उन्होंने हमारे रिश्ते को टूटने नहीं दिया।” उद्धव ने ठाकरे परिवार और शिवसेना (उबाठा) की ओर से अजित पवार को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि अजित पवार एक ऐसे नेता के रूप में जाने जाते थे, जो अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को महत्व देते थे और वह वास्तव में एक ‘दादा’ थे।
उद्धव के बेटे और महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे ने पवार की मौत को स्तब्ध करने वाली घटना बताया। उन्होंने कहा, “मेरे पास अपनी भावनाएं जाहिर करने के लिए शब्द नहीं हैं।” आदित्य ने कहा, “मुझे अजित पवार के साथ पांच-छह साल काम करने का मौका मिला, पहले सरकार में और फिर विपक्ष में। विधायी मामलों पर उनकी मजबूत पकड़ और उनके स्नेही स्वभाव ने मेरे जैसे कई लोगों का दिल जीत लिया। विपक्ष में रहते हुए भी मैंने सार्वजनिक रूप से कई बार यह बात कही थी।''
वहीं केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि इस हादसे में पवार की मृत्यु की खबर स्तब्ध करने वाली, दुर्भाग्यपूर्ण और हृदयविदारक है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता अजित पवार के साथ उनका बेहद घनिष्ठ व्यक्तिगत संबंध रहा है। उन्होंने कहा, “उन्हें मेरी हार्दिक श्रद्धांजलि। कई वर्षों तक राज्य विधानमंडल में साथ काम करते हुए मेरी अजित दादा के साथ बहुत घनिष्ठ मित्रता रही। उनकी प्रशासनिक कुशलता, विकास की स्पष्ट दृष्टि और लोगों से सीधे जुड़ने की क्षमता ने महाराष्ट्र की राजनीति में उनका ऐसा स्थान सुनिश्चित किया जिसे कभी कोई और नहीं ले पाएगा।” गडकरी ने कहा कि महाराष्ट्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध इस जननेता की असमय मृत्यु केवल राज्य ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए अपूरणीय क्षति है।
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे ने कहा, “मेरे मित्र एवं उपमुख्यमंत्री अजित पवार अब हमारे बीच नहीं रहे। महाराष्ट्र की राजनीति ने एक काबिल नेता खो दिया है।” ठाकरे ने कहा कि राजनीति के प्रति असीम समपर्ण के बल पर अजित पवार ने महाराष्ट्र की राजनीति में अलग पहचान बनाई। उन्होंने कहा, “भले ही अजित पवार की राजनीति की शुरुआत (शरद) पवार साहब के सानिध्य में हुई, लेकिन बाद में पूरे महाराष्ट्र में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई।” ठाकरे ने कहा, “अजित पवार की एक और खास बात यह थी कि वे पूरी तरह जातिवाद से परे थे। उनकी राजनीति में जाति का कोई स्थान नहीं था।”
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के महासचिव (सरकार्यवाह) दत्तात्रेय होसबाले ने अजित पवार के निधन पर शोक जताया और इस हादसे को हृदयविदारक करार दिया। होसबाले ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘आज महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विमान दुर्घटना में असामयिक मृत्यु अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और हृदयविदारक है।" उन्होंने कहा कि पवार का सार्वजनिक जीवन लंबा और प्रभावशाली रहा।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘‘आज सुबह विमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की आकस्मिक मौत से मैं स्तब्ध और बहुत दुखी हूं। मैं उनके परिवार, मित्रों और समर्थकों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं। ओम शांति।’’
आम आदमी पार्टी (आप) प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘महाराष्ट्र के बारामती में हुए विमान हादसे में राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार जी समेत अन्य लोगों की मृत्यु की खबर बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘परमात्मा मृतकों की आत्मा को शांति प्रदान करें एवं उनके परिजनों एवं शुभचिंतकों को इस दुख की घड़ी में साहस दें।''
इस बीच, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार को ले जा रहे विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के समय बारामती हवाई अड्डे पर दृश्यता कम थी। नायडू ने कहा, ‘‘नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) और विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) की टीमें विमान दुर्घटना की जांच करने के लिए मौके पर पहुंच चुकी हैं। प्रारंभिक जानकारी से पता चलता है कि विमान द्वारा लैंडिंग की कोशिश करने के समय हवाई अड्डे पर दृश्यता काफी कम थी।’’ उन्होंने बताया कि जब बारामती के हवाई यातायात नियंत्रण (एटीसी) ने पायलट से पूछा कि क्या रनवे दिखाई दे रहा है, तो जवाब ‘नहीं’ था, जिसके बाद विमान ने हवा में ही एक चक्कर लगाया। नागरिक उड्डयन मंत्री ने बताया कि दूसरी बार लैंडिंग की कोशिश के दौरान, एटीसी ने फिर से पूछा कि क्या रनवे दिखाई दे रहा है, जिस पर पायलट ने सकारात्मक जवाब दिया। नायडू ने कहा कि एटीसी द्वारा लैंडिंग की अनुमति दिए जाने के बाद विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। उन्होंने कहा, ''इस हादसे के संबंध में हम और अधिक जानकारी जुटाने का प्रयास कर रहे हैं और जांच को पारदर्शी तरीके से संचालित करेंगे।''
उधर, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार से संबंधित विमान हादसे पर दुख जताते हुए इस पूरे मामले की जांच की मांग की है। हम आपको बता दें कि तृणमूल कांग्रेस प्रमुख एवं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी अजित पवार की मौत की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में जांच की मांग की। ममता बनर्जी की इस मांग के बारे में पूछे जाने पर खरगे ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘जांच तो होना चाहिए क्योंकि ऐसा हादसा हुआ है..सभी नेता (विमान से) जाते हैं, कॉरपोरेट (के लोग) भी जाते हैं। अहमदाबाद में दुर्घटना हुई। यह छोटा विमान था, ऐसा क्यों हुआ, इसकी जांच तो होनी चाहिए।''
बहरहाल, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री के रूप में छह बार सेवा दे चुके अजित पवार के लिए मुख्यमंत्री पद सपना ही बनकर रह गया। अनुभवी नेता अजित पवार ने राज्य का मुख्यमंत्री बनने की अपनी इच्छा कभी छिपाई नहीं। अजित पवार एक कर्मठ व्यक्ति माने जाते थे। जहां कई नेताओं की छवि कार्यक्रमों में देरी से पहुंचने वालों की है तो वहीं पवार समय के बड़े पाबंद थे। उनके नाम कांग्रेस, शिवसेना और भाजपा के नेतृत्व वाली कई सरकारों में उपमुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड है।
अजित पवार का राजनीतिक करियर उतार-चढ़ाव से भरा रहा। वह हमेशा ही इन सब से बाहर निकले, चाहे वह कथित तौर पर 70,000 करोड़ रुपये का सिंचाई घोटाला हो या पुणे में उनके बेटे पार्थ के जमीन सौदे को लेकर हालिया विवाद। अजित पवार को प्यार से लोग ‘दादा’ (बड़े भाई) कहा करते थे। वह अपनी बात खुलकर कहने के लिए जाने जाते थे और खासकर ग्रामीणों के सामने अपनी राय व्यक्त करते समय शब्दों को घुमा-फिराकर नहीं बोलते थे। आशा और अनंतराव पवार के घर 22 जुलाई, 1959 को जन्मे अजित पवार ने 1991 से आठ कार्यकाल तक बारामती के विधायक के रूप में अपनी सेवा दी। अजित पवार राज्य के वित्त और नियोजन मंत्री थे और अगले महीने मुंबई में 23 फरवरी को विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत के दौरान 2026-27 के लिए राज्य का बजट पेश करने वाले थे। आने वाले दिनों में सारा ध्यान राकांपा के गुटों के भविष्य पर केंद्रित होगा क्योंकि राजनीतिक गलियारों में दोनों दलों के संभावित विलय की चर्चाएं जारी हैं।