शिवसेना ने राम मंदिर बनाने की वकालत की, भाजपा से गठबंधन को लेकर कही यह बात

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Oct 09, 2019

मुंबई। शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने अयोध्या के विवादित स्थल पर राम मंदिर बनाने की मंगलवार को पुरजोर हिमायत की और इसका मार्ग प्रशस्त करने के लिए एक विशेष कानून बनाने की भी मांग की। उद्धव ने यह भी कहा कि अनुच्छेद 370 के बाद अब सरकार का अगला एजेंडा ‘‘समान नागरिक संहिता’’ होना चाहिए। उन्होंने 21 अक्टूबर को होने वाले महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के साथ गठबंधन के अपने फैसले को सही बताया। उन्होंने कहा कि पार्टी के लिए राम मंदिर का मुद्दा राजनीति से ऊपर है और इसका आगामी महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों से कोई संबंध नहीं है। मुंबई के शिवाजी पार्क में मंगलवार रात शिवसेना की वार्षिक दशहरा रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर पर नहीं बोलने की सलाह दी थी क्योंकि मामला उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है। उद्धव ने कहा, ‘‘लेकिन यह मामला पिछले 35 साल से लंबित है। अदालतों में उस दिन अवकाश रहता है जिस दिन राम ने रावण का वध किया था और उस दिन भी जब राम अयोध्या लौटे थे, लेकिन वहां मुद्दा यह है कि क्या राम ने अयोध्या में जन्म लिया था?’’ उन्होंने कहा, ‘‘कहा जा रहा है कि इस महीने अदालत फैसला दे देगी, अगर ऐसा नहीं होता है तो हम अपनी मांग पर अडिग हैं कि अयोध्या में राम मंदिर बनाने के लिए एक विशेष कानून बनाया जाए।

इसे भी पढ़ें: महाराष्ट्र चुनाव: बागियों को मैदान छोड़ने के लिए मनाने में जुटीं पार्टियां

ठाकरे ने इस बात से इनकार किया कि शिवसेना ने भाजपा के साथ गठबंधन करते हुए ‘‘आत्मसमर्पण’’ कर दिया। उन्होंने कहा, ‘‘शिवसेना छत्रपति शिवाजी महाराज और मराठी मानुष को छोड़कर किसी के आगे नहीं झुकती।’’उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा के साथ गठबंधन राज्य के हित में किया गया है। हमें कुछ समझौता करना था। मैं उन शिवसैनिकों से माफी मांगता हूं जिनकी सीट गठबंधन के सहयोगियों को गईं।’’  ठाकरे ने संभवत: भाजपा का जिक्र करते हुए कहा कि शिवसैनिकों को धोखा देने की हिम्मत किसी को नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिवसेना-भाजपा गठबंधन और उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा गठबंधन में बहुत अंतर है। ठाकरे ने कहा, ‘‘हमारा गठबंधन वास्तविक है, जबकि सपा-बसपा ने केवल सत्ता के लालच में गठबंधन किया इसलिए लोगों ने उसे खारिज कर दिया।’’  उन्होंने कांग्रेस-राकांपा गठबंधन पर भी निशाना साधा।  उन्होंने कहा कि सत्ता में आने पर शिवसेना किसानों की कर्ज माफी, गरीबों के लिए 10 रुपए में भोजन की पोषक थाली, 300 यूनिट तक बिजली खर्च करने पर बिजली दरों में कटौती, एक रुपए में स्वास्थ्य जांच और महिलाओं के लिए विशेष बस सेवाएं शुरू करना सुनिश्चित करेगी। 

प्रमुख खबरें

बिहार के Piyush Jha का नवाचार: अपशिष्ट जल शोधन प्रणाली को UNDP से मिली मान्यता

JSSC CGL परीक्षा गड़बड़ी मामले में Jharkhand CID ने 3 अभ्यर्थियों को पकड़ा, कुल 19 गिरफ्तार

Saint Vincent and the Grenadines में हिंसक गोलीबारी, चार लोगों की मौत और चार अन्य घायल

Bahraich में भारी बारिश और तूफान से 3 लोगों की गई जान, नदियां उफान पर