By अभिनय आकाश | Oct 13, 2026
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने केंद्र और राज्य प्रशासन पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ तानाशाही वाले तरीके अपनाने का आरोप लगाया। पार्टी ने कहा कि दिल्ली और मुंबई में छात्रों, महिलाओं और पत्रकारों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई से पूरे देश में अशांति का माहौल बन गया है। उद्धव ठाकरे की पार्टी ने अपने मुखपत्र 'सामना' में छपे एक संपादकीय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की आलोचना की। पार्टी ने पुलिस की कथित ज्यादतियों पर उनकी चुप्पी को लेकर यह आलोचना की। संपादकीय में दावा किया गया कि विरोध प्रदर्शनों से निपटने के तरीके ने गृह युद्ध जैसे हालात पैदा कर दिए हैं, साथ ही अधिकारियों पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग करने का आरोप भी लगाया गया।
संपादकीय में शाह पर कोर्ट के निर्देशों को नजरअंदाज करने और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग करने का आरोप लगाया गया। साथ ही कहा गया कि इस कार्रवाई से प्रधानमंत्री के प्रति जनता का गुस्सा बढ़ रहा है। इसमें मोदी की भी आलोचना की गई कि वे चेन्नई जाकर मेट्रो से जुड़ी प्रेजेंटेशन देख रहे थे और विकास की बातें कर रहे थे, जबकि संपादकीय के अनुसार, वे कथित अशांति पर चुप रहे। अखबार ने शाह पर यह भी आरोप लगाया कि वे हथियारों से लैस सुरक्षाकर्मियों के पीछे छिपे रहे और विरोध प्रदर्शनों पर ध्यान देने के बजाय पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी जैसे राज्यों में बीजेपी की उपचुनाव जीतों पर ध्यान केंद्रित करते रहे।