By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Sep 25, 2019
नयी दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत ने धनशोधन के एक मामले में गिरफ्तार कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार की जमानत याचिका बुधवार को खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि जांच के इस महत्वपूर्ण चरण में उन्हें रिहा किये जाने से जांच-पड़ताल प्रभावित हो सकती है। शिवकुमार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस महीने की शुरूआत में गिरफ्तार किया था और वह न्यायिक हिरासत में यहां तिहाड़ जेल में हैं। विशेष न्यायाधीश अजय कुमार कुहाड़ ने शिवकुमार को कोई राहत देने से इनकार करते हुए इस बात का जिक्र किया कि वह एक प्रभावशाली व्यक्ति हैं और गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं या दस्तावेजों से छेड़छाड़ कर सकते हैं।
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अदालत ने जेल अधीक्षक को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि उनकी सभी मेडिकल जरूरतें फौरन पूरी की जाएं और आपात स्थिति में उन्हें यथाशीघ्र राम मनोहर लोहिया अस्पताल या एम्स ले जाया जाए। अदालत ने कहा, ‘‘अपराध की प्रकृति और जांच के चरण पर विचार करते हुए मेडिकल आधार को जमानत के लिए न्यायोचित आधार नहीं माना जा सकता।’’ ईडी ने पिछले साल सितंबर में शिवकुमार, नयी दिल्ली स्थित कर्नाटक भवन के कर्मचारी हनुमनथैया और अन्य के खिलाफ धनशोधन का मामला दर्ज किया था। यह मामला कर चोरी और करोड़ों रुपये के हवाला लेन-देन के आरोपों को लेकर उनके खिलाफ पिछले साल बेंगलुरु की एक विशेष अदालत में आयकर विभाग द्वारा दाखिल आरोपपत्र पर आधारित है। आयकर विभाग ने शिवकुमार और उनके कथित सहयोगी एस. के. शर्मा पर हवाला माध्यमों के जरिये तीन अन्य आरोपियों की मदद से भारी मात्रा में बिना हिसाब की नकद राशि नियमित आधार पर लाने-ले जाने का आरोप लगाया था।