अधीर वचन पर स्मृति vs सोनिया: जब सत्ता पक्ष की टोकाटोकी से नाराज हो गए थे अटल और फिर...

By अभिनय आकाश | Jul 29, 2022

संसद के इतिहास में बहुत कम ऐसा होता है जब कैमरे बंद होने के बाद दो बड़े नेता आपस में टकराते हों और बात तू-तू मैं-मैं तक आ जाती हो। नोकझोंक इतनी ज्यादा हो जाए कि सरकार और विपक्ष के बीच आर-पार की नौबत आ जाए। विपक्ष की सबसे बड़ी नेता सोनिया गांधी और मोदी सरकार की प्रखर मंत्री स्मृति ईरानी के बीच झगड़ा हुआ। ये झगड़ा बीच सदन में हुआ। सत्ता विपक्ष और विपक्ष दोनों के सांसद इसके साक्षी भी बने। सदन में यूं तो बहस और आरोप-प्रत्यारोप के बीच जुबानी जंग हमेशा से होती आई है। मनमोहन और सुषमा स्वराज का शायराना अंदाज भी देखने को मिला है। लेकिन बात जब भी संसद की कार्यवाही की होती है तो एक शख्स का जिक्र हमेशा से होता है। जिनके भाषणों को विरोधी भी दम साध कर सुना करते थे। जिनकी वाकपटुता और हाजिरजवाबी के सभी कायल थे। ऐसी ही शख्सियत थे भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जिन्हें जब विपक्षी दलों की किसी तीखी बात पर गुस्सा भी आता था तो भी उन्होंने कभी भी सदन की मर्यादा न टूटने दी। बल्कि आंखें मूंद मानों खुद से संवाद करके गुस्से को पी जाते थे। 

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अटल जी की नाराजगी के बाद पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर उठ खड़े हुए और उन्होंने कहा कि हम जैसे बहुत सारे लोग अटल जी का भाषण पूरा सुनना चाहते हैं। फिर उन्होंने सभी से आग्रह किया की अटल जी के भाषण में बार-बार हस्तक्षेप न करें। अटल बिहार वाजपेयी की नाराजगी भी पलभर में दूर हो गई। सभी के चुप होने के बाद अटल जी ने अपने भाषण को पूरा किया। इस दौरान उन्होंने गुजराल सरकार पर कई तीखे व्यंगों के तीर भी चलाए। लेकिन सबकुछ मर्यादित ढंग से चला। 

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