AI मॉडल DeepSeek पर मंडराया खतरा, कई देशों ने किया बैन, जानें क्यों?

By Kusum | Feb 08, 2025

कम ही समय में पूरी दुनिया में तहलका मचाने वाला चीन का AI मॉडल  DeepSeek अब बैन की कगार पर है। एक रिपोर्ट के अनुसार, कई देशों ने राष्ट्रीय सुरक्षा, डेटा प्राइवेसी और चीनी सरकार से संभावित संबंधों से संबंधित चिंताओं के चलते डीपसीक के खिलाफ कार्रवाई की है। अधिकारियों को डर है कि डीपसीक अपनी उत्पत्नि और चीन की सरकारी संस्थाओं को डेटा ट्रांसफर करने की संभावना के कारण सुरक्षा जोखिम पैदा कर सकता है। 

गिज्मोचाइना की रिपोर्ट के अनुसार, डीपसीक को मुख्य रूप से सुरक्षा और प्राइवेसी संबंधी चिंताओं के कारण कई देशों में बैन किया गया है। सरकारों को चिंता है कि चीन की सरकार चीन के राष्ट्रीय खुफिया कानून के तहत डीपसीक द्वारा इकट्ठा किए गए यूजर डेटा तक पहुंच सकती है। यूजर डेटा को संभालने में प्लेटफॉर्म की पारदर्शिता की कमी को लेकर चिंताएं हैं, जिससे संभावित डेटा ब्रीच या अनऑथराइज्ड डेा शेयरिंग की आशंकाएं बढ़ रही हैं। 

ऑस्ट्रेलिया ने राष्ट्रीय सुरक्षा जोखिमों के कारण सभी सरकारी डिवाइसेस पर डीपसीक पर बैन लगा दिया है। गृह मामलों के विभाग ने सभी सरकारी, एजेंसियों को डीपसेक हटाने का आदेश दिया है, गृह मामलों के मंत्री टोनी बर्क ने इस बात पर जोर दिया कि प्रतिबंध का उद्देश्य ऑस्ट्रेलिया के राष्ट्रीय हितों की रक्षा करना है। 

वहीं डीपसेक को बैन करने वाले देशों में साउथ कोरिया, इटली, ताइवान ने बैन लगा दिया है। हालांकि, भारत में इसे सीधे तौर पर बैन नहीं किया गया है कि भारत के वित्त मंत्रालय ने भी अपने अधिकारियों और कर्मचारियों से आधिकारिक कंप्यूटरों पर एआई टूल्स जैसे चैटजीटीपी और डीपसीक का इस्तेमाल करने से मना किया है। 

साथ ही संयुक्त राज्य अमेरिका ने अभी तक डीपसीक पर प्रतिबंध नहीं लगाया है लेकिन इसके इस्तेमाल को प्रतिबंधित करने पर विचार किया जा रहा है। नासा ने पहले ही अपने सिस्टम से डीपसीक को ब्लॉक कर दिाय है और अमेरिकी नौसेना ने कर्मियों को इस एआई सर्विस का इस्तेमाल करने के लिए खिलाफ चेतावनी दी है। 

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