By नीरज कुमार दुबे | Oct 24, 2026
सियासत की चकाचौंध, सत्ता के गलियारों और गांधी परिवार के उतार-चढ़ाव से इतर सोनिया गांधी की जिंदगी का एक ऐसा पन्ना सामने आया है, जिसकी शुरुआत इंग्लैंड के कैंब्रिज में एक छोटे-से ग्रीक रेस्तरां से हुई थी। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शनिवार को सोशल मीडिया मंच एक्स (X) पर अपना खाता शुरू करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के साथ अपनी पहली मुलाकात की यादें साझा कीं। उनकी पहली पोस्ट महज सोशल मीडिया पर मौजूदगी दर्ज कराने का मामला नहीं, बल्कि 10 नवंबर को आने वाली उनकी पहली किताब ‘Belonging: A Journey of Love’ की भावनात्मक झलक भी है।
इसे भी पढ़ें: Sonia Gandhi ने X पर किया डेब्यू, अपनी पहली किताब से दुनिया को कराया रूबरू
सोनिया गांधी ने बताया कि जब वह इंग्लैंड में रह रही थीं, तब वहां का खाना उन्हें खास पसंद नहीं आता था। उस दौर में आज की तरह रेस्तरां की भरमार भी नहीं थी। उन्हें अपने स्वाद के करीब, खासकर इतालवी भोजन की तलाश थी। इसी तलाश में वह कैंब्रिज के ‘वर्सिटी रेस्तरां’ पहुंचीं, जहां यूरोप के दूसरे देशों के विद्यार्थियों के साथ भारतीय छात्र भी खाना खाने आते थे।
यहीं एक साझा मित्र ने सोनिया और राजीव गांधी का परिचय कराया। सोनिया के मुताबिक, पहली मुलाकात में ही उन्हें महसूस हो गया था कि राजीव ऐसे व्यक्ति हैं, जिनके साथ वह अपनी जिंदगी बिताना चाहेंगी। बाद में उन्हें पता चला कि राजीव के मन में भी उनके लिए कुछ ऐसी ही भावना थी।
दोनों की दोस्ती बढ़ी। विद्यार्थियों के साथ पार्टियों में जाना, घूमना-फिरना और कैंब्रिज के दिनों की छोटी-बड़ी यादें उनकी जिंदगी का हिस्सा बनीं। सोनिया ने एक वैलेंटाइन पार्टी का भी जिक्र किया, जिसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थी शामिल हुए थे।
राजीव गांधी की पहली छवि याद करते हुए सोनिया ने कहा कि वह बेहद सौम्य दिखाई देते थे। उनकी खूबसूरती अपनी जगह थी, लेकिन उनके व्यक्तित्व में झलकने वाली सहजता और कोमलता ने सोनिया को सबसे ज्यादा प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि राजीव की वह सौम्यता ऐसी याद है, जिसे वह कभी नहीं भूल सकतीं।
कैंब्रिज में शुरू हुआ यह रिश्ता आगे चलकर विवाह में बदला। सोनिया और राजीव गांधी की शादी 25 फरवरी 1968 को हुई। इसके बाद सोनिया का जीवन इटली से भारत तक पहुंचा और वह धीरे-धीरे भारतीय राजनीति के सबसे चर्चित परिवार का हिस्सा बन गईं।
हम आपको बता दें कि सोनिया गांधी की पहली किताब ‘Belonging: A Journey of Love’ उनके निजी जीवन की यात्रा को समेटती है। इसमें युद्ध के बाद के इटली में बीता बचपन, राजीव गांधी से प्रेम, भारत आना और जीवन में आए गहरे व्यक्तिगत नुकसान शामिल हैं। यह सिर्फ एक प्रेम कहानी नहीं, बल्कि उस सफर का भी बयान है जिसमें एक विदेशी युवती ने भारत को अपना घर बनाया और समय के साथ इसी देश की राजनीति में केंद्रीय भूमिका निभाई।
यहां यह भी उल्लेखनीय है कि एक्स पर आने से दो दिन पहले, गुरुवार को सोनिया गांधी ने इंस्टाग्राम पर भी अपना खाता शुरू किया था। वहां उन्होंने किताब की पहली झलक साझा करते हुए इसे प्रेम, कर्तव्य, क्षति और अपनेपन की तलाश की कहानी बताया था।
बहरहाल, गांधी परिवार पर राजनीतिक बहसें अपनी जगह हैं, लेकिन इस बार सोनिया गांधी ने चुनावी आरोप-प्रत्यारोप के बजाय निजी स्मृतियों के जरिए संवाद शुरू किया है। 10 नवंबर को आने वाली उनकी किताब बताएगी कि सत्ता और संघर्ष की सुर्खियों के पीछे उनकी जिंदगी के कौन-से अनकहे पहलू अब तक पर्दे में रहे। फिलहाल, कैंब्रिज के उस छोटे-से रेस्तरां की याद ने एक बार फिर राजीव-सोनिया की प्रेम कहानी को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।