ओम बिरला बोले- सदन चलाना सामूहिक जिम्मेदारी, हंगामे के कारण केवल 22 प्रतिशत ही हुआ काम

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 11, 2021

नयी दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मॉनसून सत्र में सदन की कार्यवाही सुचारू तरीके से नहीं चलने पर दु:ख प्रकट करते हुए बुधवार को कहा कि सदन की कार्यवाही सहमति एवं सामूहिक जिम्मेदारी के साथ चलनी चाहिए लेकिन आसन के समीप आकर सदस्यों का तख्तियां लहराना, नारे लगाना परंपराओं के अनुरूप नहीं है। बिरला ने यह भी कहा कि उन्हें नये संसद भवन का निर्माण अगले वर्ष 15 अगस्त से पहले पूरा होने की उम्मीद है। लोकसभा अध्यक्ष ने सदन की बैठक अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘ निरंतर व्यवधान के कारण महज 22 प्रतिशत कार्य निष्पादन रहा।

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लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि आसन के समीप नहीं आना, तख्तियां नहीं लाना और पोस्टर नहीं दिखाना आदि के बारे में नियमों में उल्लेख है। उन्होंने कहा कि उनकी विभिन्न दलों के नेताओं से बात होती है तब उनसे भी कहते हैं कि अपनी बात संसदीय प्रक्रियाओं एवं मर्यादा के दायरे में कहें। सभी से अपेक्षा की जाती है कि वे नियम प्रक्रियाओं का पालन करें। एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह चिंता की बात है कि करोड़ों रूपये संसद की कार्यवाही पर खर्च होते हैं और जब सदन नहीं चलता है तब जनता दु:खी होती है। इसके कारण मुझे भी दु:ख होता है। बिरला ने कहा कि इस बारे में पीठासीन अधिकारियों की एक समिति बनी है। सदन में ऐसी गतिविधियों को हतोत्साहित किया जाए और सदन में ज्यादा समय तक चर्चा हो..यह जरूरी है। उन्होंने बताया कि 17वीं लोकसभा की छठी बैठक 19 जुलाई 2021 को शुरू हुई और इस दौरान 17 बैठकों में 21 घंटे 14 मिनट कामकाज हुआ।

बिरला ने बताया कि व्यवधान के कारण 96 घंटे में करीब 74 घंटे कामकाज नहीं हो सका। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा, ‘‘निरंतर व्यवधान के कारण महज 22 प्रतिशत कार्य निष्पादन रहा।’’ उन्होंने बताया कि सत्र के दौरान ओबीसी से संबंधित संविधान (127वां संशोधन) विधेयक सहित कुल 20 विधेयक पारित किये गए। चार नये सदस्यों ने शपथ ली। बिरला ने बताया कि मॉनसून सत्र के दौरान 66 तारांकित प्रश्नों के मौखिक उत्तर दिये गए और सदस्यों ने नियम 377 के तहत 331 मामले उठाये। उन्होंने कहा कि इस दौरान विभिन्न स्थायी समितियों ने 60 प्रतिवेदन प्रस्तुत किये, 22 मंत्रियों ने वक्तव्य दिये और काफी संख्या में पत्र सभापटल पर रखे गए। लोकसभा अध्यक्ष ने बताया कि सत्र के दौरान अनेक वित्तीय एवं विधायी कार्य निष्पादित किये गए। गौरतलब है कि संसद का मॉनसून सत्र 19 जुलाई से शुरू हुआ और 11 अगस्त, बुधवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। इस दौरान पेगासस जासूसी मामला और केंद्र के तीन नये कृषि कानूनों एवं अन्य मुद्दों पर कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के सदस्यों के शोर-शराबे के कारण कामकाज बाधित रहा। सरकार ने हंगामे के बीच ही कई विधेयकों को पारित कराया। हालांकि संविधान (127वां संशोधन) विधेयक, 2021 पर सामान्य रूप से चर्चा हुई और सर्वसम्मति से विधेयक को पारित किया गया।

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