By नीरज कुमार दुबे | Jul 23, 2024
पारम्परिक कश्मीरी संगीत वाद्ययंत्र संतूर, रबाब और सारंगी बनाने वाले 85 वर्षीय गुलाम मोहम्मद ज़ाज़ चाहते हैं कि आज की पीढ़ी भी इन वाद्ययंत्रों को बजाना सीखे। पद्मश्री पुरस्कार विजेता गुलाम मोहम्मद ज़ाज़ से जब प्रभासाक्षी संवाददाता ने बातचीत की तो उन्होंने अपनी जीवन यात्रा के दौरान आये उतार-चढ़ावों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि उनके बनाये वाद्ययंत्रों को कई प्रसिद्ध संगीतकारों ने पसंद किया है। उन्होंने बताया कि उनके संगीत वाद्ययंत्रों का उपयोग यूरोप, अमेरिका और मध्य पूर्व के संगीतकारों द्वारा भी किया गया है।