By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Oct 29, 2018
उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कहा कि राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि मालिकाना हक विवाद मामले में दायर दीवानी अपीलों को जनवरी, 2019 में एक उचित पीठ के सामने सूचीबद्ध किया जाएगा। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति एस के कौल और न्यायमूर्ति के एम जोसफ की पीठ ने यह बात कही। भूमि विवाद मामले में दीवानी अपील इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ दायर की गई है।
इससे पहले इससे पहले 18 अक्टूबर को नागपुर में आरएसएस मुख्यालय में दशहरा कार्यक्रम में भागवत ने कहा था कि केंद्र सरकार को उपयुक्त कानून के माध्यम से अयोध्या में राममंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करना चाहिए। वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा कि जिस तरह उच्चतम न्यायालय ने सबरीमला मामले में निर्णय सुनाया है उसी तरह उसे राम मंदिर मुकदमे में भी फैसला सुनाना चाहिए।
राम मंदिर मामले को भारत के लोगों की आस्था का मामला बताते हुए योगी ने कहा कि अयोध्या में मंदिर लोगों के दिलों में बहुत महत्व रखता है।