By रेनू तिवारी | Jul 30, 2021
दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को योग गुरु स्वामी रामदेव को एलोपैथी पर उनकी टिप्पणी के लिए नोटिस जारी किया। स्वामी रामदेव ने कोविड-19 मामलों के इलाज के तरीके को लेकर डॉक्टरों की आलोचना की थी। दिल्ली उच्च न्यायालय ने स्वामी रामदेव को एलोपैथी और एलोपैथिक डॉक्टरों के खिलाफ "गलत सूचना फैलाने" के लिए नोटिस जारी किया था। मामले की सुनवाई 10 अगस्त को होने की संभावना है।
स्वामी रामदेव ने बाद में अपनी टिप्पणी का एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद दिए गए अपने बयान के लिए खेद जताया और उसे वापस ले लिया था। वीडियो में उन्हें कोरोनोवायरस संक्रमण के इलाज के लिए इस्तेमाल की जा रही कुछ दवाओं पर सवाल उठाते हुए कहा था कि "कोविड -19 के लिए एलोपैथिक दवाएं लेने के बाद लाखों लोग मारे गए हैं"। इस टिप्पणी का डॉक्टरों के संघों ने जोरदार विरोध किया, जिसके बाद तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने उन्हें "बेहद दुर्भाग्यपूर्ण" बताते हुए बयान को वापस लेने के लिए कहा।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने स्वामी रामदेव पर एलोपैथी और एलोपैथिक डॉक्टरों के खिलाफ उनकी कथित टिप्पणी के लिए मानहानि का नोटिस दिया था, जिसमें उनसे 15 दिनों के भीतर माफी मांगने की मांग की गई थी, जिसमें विफल रहने पर उन्होंने कहा कि वह योग गुरु से 1,000 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग करेंगे। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की शिकायतों के बाद पटना और रायपुर में स्वामी रामदेव के खिलाफ कई एफआईआर दर्ज की गईं।