By अंकित सिंह | Aug 01, 2026
योग गुरु स्वामी रामदेव ने हाल ही में छात्रों के विरोध प्रदर्शनों की आलोचना की है। उन्होंने युवाओं से अभद्र प्रदर्शनों के बजाय कौशल विकसित करने का आग्रह करते हुए कहा कि ऐसे व्यवहार से देश की प्रगति नहीं होगी। उन्होंने तर्क दिया कि केवल शिक्षा मंत्री को बदलने से शिक्षा प्रणाली में कोई सार्थक सुधार नहीं आएगा। ANI से बातचीत में स्वामी रामदेव ने भारत की राजनीतिक, शैक्षिक और चिकित्सा प्रणालियों में कमियों को माना, लेकिन इस बात पर ज़ोर दिया कि विरोध प्रदर्शन लोकतांत्रिक और सम्मानजनक तरीके से होने चाहिए।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर रामदेव ने टिप्पणी की कि अगर शिक्षा मंत्री इस्तीफा दे देते हैं तो शिक्षा व्यवस्था में क्या बदलाव आएगा? क्या इससे युवाओं को नौकरियां मिलेंगी? महंगाई कम होगी? बदलाव छात्रों की कड़ी मेहनत और नीतियों से आएगा। सरकार को निश्चित रूप से जवाबदेह होना चाहिए, लेकिन केवल एक व्यक्ति को बदलने से बदलाव नहीं आएगा। व्यवस्था में बदलाव और कड़ी मेहनत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने अपनी बात खत्म करते हुए कहा कि बच्चों को ‘गालीबाज़’ नहीं, बल्कि ‘हुनरबाज़’ होना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया वीडियो संदेश पर बात करते हुए रामदेव ने कहा कि PM ने बच्चों को माफ़ कर दिया है। लेकिन गाली-गलौज करना हमारी संस्कृति नहीं है। इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए प्रधानमंत्री के वीडियो में, उन्होंने जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान अभद्र भाषा के इस्तेमाल का ज़िक्र किया। मोदी ने कहा कि ऐसी भाषा समाज की सांस्कृतिक भावनाओं को ठेस पहुँचाती है, खासकर तब जब युवा महिलाएँ इसका इस्तेमाल करती हैं, और उन्होंने समाज के गुस्से को समझा।
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