कानूनी मंजूरी के बिना फेशियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने पर HC ने तेलंगाना पुलिस को भेजा नोटिस

By अनुराग गुप्ता | Jan 04, 2022

हैदराबाद। तेलंगाना हाईकोर्ट ने फेशियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल को चुनौती देने वाली एक जनहित याचिका को लेकर प्रदेश सरकार और हैदराबाद पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी किया। दरअसल, जनहित याचिका में कानून की मंजूरी के बिना फेशियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी (एफआरटी) के कथित इस्तेमाल पर सवाल खड़ा किया गया था। 

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याचिकाकर्ता ने कहा कि सूचना के अधिकार के जरिए हैदराबाद पुलिस से जवाब हासिल करने की उनकी कोशिशों का भी अब तक कोई नतीजा नहीं निकला है।न्यायमूर्ति अभिनंद कुमार शाविली ने कहा कि प्रदेश, केंद्रीय गृह मंत्रालय के समन्वय से देशभर में अपराध और आपराधिक ट्रैकिंग नेटवर्किंग और सिस्टम (सीसीटीएनएस) लागू कर रहे हैं। वे जो डेटा एकत्र करते हैं और जिस तरह से वे इस तरह की जानकारी का इस्तेमाल, स्टोर या बनाए रखते हैं, वह जनता को नहीं पता है। यह विशेष रूप से पुलिस और कानून लागू करने वाले अधिकारियों द्वारा इस्तेमाल किया जाता है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 15 जनवरी, 2022 को होगी। 

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