By विजयेन्दर शर्मा | Jul 28, 2021
शिमला। हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति में बुधवार तड़के बादल फटने से मची तबाही में पानी के बहाव में बहने वाले दस लोगों में चार जवान सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के भी है। बादल फटने के बाद जिला मुख्यालय केलांग से करीब 15 किलोमीटर दूर उदयपुर अनुमंडल में टोजिंग नदी में अचानक आई बाढ़ के बाद यह आपदा आई। पुलिस अधीक्षक मानव वर्मा ने बताया कि लापता लोगों में चार बीआरओ के जवान और एक दूरसंचार कंपनी के दो मजदूर शामिल हैं। वे एक वाहन में पांगी-किलार की ओर जा रहे थे, जो बादल फटने से आई अचानक बाढ में बह गये। उन्होंने कहा कि घायलों में से एक को कुल्लू शहर के एक सरकारी अस्पताल में रेफर कर दिया गया, जबकि तीन लोगों को बचा लिया गया। मिल रही जानकारी के मुताबिक मनाली-लेह राजमार्ग पर भी बड़े पैमाने पर भूस्खलन के कारण यातायात बाधित हुआ हैं और हाईवे पर सैलानियों समेत कई वाहन फंस गए हैं। मंडी शहर के आगे कई जगहों पर भूस्खलन के कारण मंडी-कुल्लू-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग भी चंडीगढ़ से कट गया है। बताया जा रहा है कि सार्वजनिक परिवहन और पर्यटक वाहन वहीं फंस गए हैं।
लाहौल-स्पीति के जिलाधीश नीरज कुमार ने बताया कि लाहौल घाटी में बहुत अधिक बारिश होने की वजह से आई बाढ की वजह से अब तक तोजिंग नाले में तीन गाडियां नाले के बहाव में बह गई उन्होंने बताया कि तांदी उदयपुर सडक मार्ग पर दो गाडियों में लोग फंस गये इनमें एक गाडी पांगी जा रही थी तो दूसरी जालमा की ओर जा रही थी लेकिन यहां तीन गाडियां तोजिंग नाले में बह गई जिसमें से दस लोग पानी के बहाव में बह गये अभी तक दो शव बरामद किये जा चुके हैं बाकि लोग मलबे में दबे हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि मनाली लेह मार्ग भी यातायात के लिये बाधित है। बारिश की वजह से उदयपुर से लेकर पांगी और काजा से केलांग के बीच भी बरसाती नालों में उफान से सड़क जगह-जगह बाधित हुई हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल सड़क बहाली तक पर्यटकों के अलावा अन्य सभी लोग पूरी एहतियात बरतें और सफर ना करें। बीआरओ सड़क की बहाली में जुट गया है। उन्होंने कहा कि रात को मनाली-लेह सड़क मार्ग पर भी यातायात बंद रहेगा। जिलाधीश ने बताया कि लेह प्रशासन से भी इस सम्बंध में सूचना प्राप्त हुई है। लिहाजा पर्यटक और अन्य लोग सावधानी बरतें और सड़क बहाल होने के बाद ही आगे का सफर जारी करें।