By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 22, 2022
नयी दिल्ली। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को संसद को सूचित किया कि रक्षा सेवाओं में भर्ती की नयी अल्पकालिक ‘‘अग्निपथ योजना’’ के विरोध में हुए आंदोलनों के चलते रेलवे की संपत्ति को 259.44 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि इस योजना के देश भर में विरोध की वजह से 15 जून से 23 जून के बीच 2000 से अधिक ट्रेन रद्द किए गए। वैष्णव ने विभिन्न सवालों के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया, ‘‘भारतीय रेल को अग्निपथ योजना के विरोध में हुए आंदोलनों में रेल परिसंपत्तियों की क्षति व तोड़फोड़ के कारण 259.44 करोड़ रुपये की हानि हुई।’’
वैष्णव ने कहा कि भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची के अंतर्गत पुलिस और कानून व्यवस्था राज्यों के विषय हैं और इस प्रकार रेलों पर अपराध की रोकथाम, उनका पता लगाना, पंजीकरण और अन्वेषण करना तथा कानून व्यवस्था बनाए रखना राज्य सरकारों की जिम्मेदारी है, जिसका निर्वहन वे अपनी कानून प्रवर्तन एजेंसियों तथा राजकीय रेल पुलिस और राज्य पुलिस के माध्यम से करती हैं। सेना में भर्ती की हाल ही में शुरू की गई अग्निपथ योजना के खिलाफ देश के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे और रेलवे की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया था।