काम करने का सही तरीका (व्यंग्य)

By संतोष उत्सुक | May 17, 2019

किसी भी काम को करने के अनगिनत तरीके बताए जा सकते हैं, काम न करने के तो सौ भी हो सकते हैं। काम करने के सही और गलत रास्ते हो सकते हैं। काम अच्छा है या बुरा यह सोच से जुड़ा अलग विषय है। राजनीतिक कुर्ता पाजामा पहनने वालों के दिन हमेशा रंगीन रहते हैं। अक्सर सफ़ेद पाजामा और ब्रेंडिड सफ़ेद जूते पहनने वाले समाजसेवी बताते हैं कि उनका काम भी बहुत मेहनत का है, उन्हें ऐसी  ड्रैस के चार जोड़े रखने पड़ते हैं। राजनीतिक प्रचार का खाना बांटने के लिए अक्सर बहुत गंदे, बदबू मारते लोगों के बीच जाना पड़ता है कि वापिस आकर गाड़ी भी धुलवानी पड़ती है और ज़्यादा खुशबूदार साबुन से नहाना पड़ता है। इतने झूठे आश्वासन देने पड़ते हैं कि जीभ भी अकड़ने लगती है। पुराने जमाने में हमारे शहर के विधायक के पास जब आम वोटर काम के लिए जाता था तो झट से लैंडलाइन पर नंबर घुमाकर फोन का चोगा उठाकर कह देते थे, इनको भेज रहा हूँ देख लेना। 

वास्तव में वे अपने परिवारवालों को सरकारी नौकरियां दिलाने में बहुत मेहनत करते थे। निन्यानवे समस्याएँ इककठी होकर सरकारी कुर्सियों के पास पहुँच ही गई तो उनके जवाबों का गुलदस्ता कुछ ऐसा रहा, कंप्यूटर खराब था लेकिन इसकी शिकायत की जानकारी हमें नहीं है, समस्या का समाधान शीघ्र कर दिया जाएगा। मामला कभी हमारे संज्ञान में आया ही नहीं, किसी ने भेजा क्यूँ नहीं। विशेषज्ञों की टीम अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी और लोकप्रिय सरकार के समक्ष रखी जाएगी।  

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कोई बात नहीं, प्रस्ताव दोबारा भेजें, कुछ न कुछ अवश्य करेंगे। किसी ने बताया ही नहीं, हम तो चौबीस घंटे में समाधान कर देते और कोई विवाद भी न होने देते। हम इसको गंभीरता से ले रहे हैं जल्द फैसला करेंगे, पिछली सरकार के गलत फैसले पलटकर सही निर्णय लिए जाएंगे, जुर्माना वसूला जाएगा। जहां सीसीटीवी नहीं लगे, सख्त जांच कार्यवाई जाएगी कि क्यूँ नहीं लगे। निर्देश न मानने वालों के खिलाफ एक्शन दिखेगा। अभी किसी काम से बाहर आना पड़ा है इस बारे सही जानकारी नहीं दे सकता। पिछले दस साल से यह मुद्दा संसद में उठाया है पीएम से व्यक्तिगत रूप से मिलकर भी मुद्दों को रखा है, पीएम के पास और भी मुद्दे हैं, शायद थोड़ा समय और लग जाए। नोटिस जारी किए गए थे, फिर जारी किए जा रहे हैं, भविष्य में भी जारी किए जाएंगे, किसी को भी कानून का उल्लंघन नहीं करने दिया जाएगा, पूरी छानबीन की जाएगी। यह कुछ ऐसा रहेगा कि प्रशासन सही सवाल करेगा और प्रशासन उचित जवाब देगा। कुछ दिन बाद, वही सधे हुए सवाल, फिर वही ठीक जवाब। 

काम करने वालों की परीक्षा खत्म, सब अव्वल नंबरों में पास हो जाएंगे। करत करत अभ्यास के सब ठीक हो जाता है।

- संतोष उत्सुक

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