Tibet में 7.0 तीव्रता के Earthquake से भारी तबाही, 16 की मौत और 76 लोग घायल

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 23, 2026

चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में 7.0 तीव्रता का भूकंप आने से कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई और 76 अन्य लोग घायल हो गए, जिसके बाद 12,000 से अधिक निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। प्राधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। बृहस्पतिवार रात करीब 10 बजकर 33 मिनट (स्थानीय समय) पर नागकू शहर की बाकेन काउंटी में आए भूकंप का केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर से भी कम गहराई पर था।

इससे पहले आई खबरों के अनुसार, भूकंप में 330 से अधिक मकान ढह गए या क्षतिग्रस्त हो गए। नुकसान का आकलन किया जा रहा है। गंभीर रूप से चोटिल लोगों की संख्या सहित 76 घायलों का विस्तृत ब्योरा तत्काल उपलब्ध नहीं हो सका।

चाइना रेलवे छिंगहाई-तिब्बत ग्रुप कंपनी लिमिटेड ने बताया कि प्रभावित हिस्से में छिंगहाई-तिब्बत रेलवे पर यात्री ट्रेनों का परिचालन शुक्रवार सुबह कम गति से फिर शुरू कर दिया गया। ‘स्टेट ग्रिड शिजांग इलेक्ट्रिक पावर कंपनी लिमिटेड’ ने बताया कि शुक्रवार सुबह 10 बजे (स्थानीय समय) तक भूकंप प्रभावित बाकेन काउंटी में 1,937 घरों की बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई थी। विभिन्न स्तरों पर अधिकारियों की ओर से आवंटित राहत सामग्री भूकंप प्रभावित क्षेत्र में पहुंचने लगी है।

इसमें पहले से तैयार 1,000 आवासीय इकाइयां, 3,239 तंबू, 2,821 तह किए जा सकने वाले बिस्तर और रजाइयां, स्टोव तथा कपड़ों जैसी रोजमर्रा की जरूरत की अन्य वस्तुएं शामिल हैं। स्थानीय मौसम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि भूकंप के केंद्र के आसपास के क्षेत्र की औसत ऊंचाई 4,800 मीटर से अधिक है। अगले तीन दिनों में तापमान गिरकर शून्य से नौ डिग्री सेल्सियस नीचे तक पहुंचने का अनुमान है।

भूकंप के केंद्र के पास स्थित तीन टाउनशिप में शनिवार को रुक-रुककर बर्फबारी होने का भी पूर्वानुमान है। इस बीच, चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने भूकंप में लापता लोगों की तलाश और उन्हें बचाने के लिए हरसंभव प्रयास करने तथा घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। शी ने अपने निर्देश में कहा कि भूकंप में जानमाल के नुकसान को कम करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएं।

उन्होंने प्रभावित क्षेत्र की अधिक ऊंचाई और कम तापमान को देखते हुए भूकंप के बाद उत्पन्न होने वाली अन्य आपदाओं को रोकने के लिए भूकंपीय गतिविधियों और मौसम की स्थितियों पर कड़ी नजर रखने की जरूरत पर भी जोर दिया। चीनी राष्ट्रपति ने प्रभावित लोगों के लिए उचित आवास की व्यवस्था करने, क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की जल्द मरम्मत करने और लोगों की जान-माल की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ली छ्यांग ने भी आपदा की रोकथाम और उससे प्रभावी ढंग से निपटने के प्रयास करने का आह्वान किया।

तिब्बती पठार में शक्तिशाली भूकंप आने का खतरा बना रहता है। यह क्षेत्र उस स्थान के ठीक ऊपर स्थित है, जहां यूरेशियाई एवं भारतीय टेक्टोनिक प्लेटें आपस में मिलती हैं और अक्सर बहुत अधिक ताकत से टकराती हैं।

प्रमुख खबरें

फिल्मकार Madhur Bhandarkar बनाएंगे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन पर फिल्म

भाई से शादी करने वाली अमेरिकी सांसद का नाम निकला फर्जी? ट्रंप ने भारत विरोधी एल्हान उमर पर लगाया बड़ा आरोप

तमिलनाडु: कोयंबटूर में जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न से तंग आकर 11वीं के छात्र ने की आत्महत्या, क्लास टीचर गिरफ्तार

पंजाबी बोली से Abhishek Sharma ने Team India में भरा जोश, Gautam Gambhir भी नहीं रोक पाए हंसी