Tirupati Laddu Prasadam row | YS Sharmila ने गृह मंत्री Amit Shah को लिखा पत्र, CBI जांच की मांग की

By अंकित सिंह | Sep 20, 2024

तिरूपति लड्डू प्रसादम विवाद बढ़ता जा रहा है। इसी को लेकर आंध्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और राज्य के पूर्व सीएम जगन मोहन रेड्डी की बहन वाईएस शर्मिला ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है। अपने पत्र में उन्होंने पूरे मामले को लेकर तत्काल सीबीआई जांच का आदेश देने का अनुरोध किया है। वाईएस शर्मिला ने कहा कि कल आंध्र प्रदेश के सीएम एन चंद्रबाबू नायडू ने बताया कि पिछली सरकार प्रसादम में मिलावट में शामिल थी। उन्होंने कहा कि यह न केवल आंध्र प्रदेश बल्कि पूरे देश और यहां तक ​​कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी करोड़ों लोगों की भावनाओं, भावनाओं और आस्था से जुड़ा है। 

इन सबके बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने तेलुगु देशम पार्टी के तिरूपति मंदिर में लड्डू (मिठाई) तैयार करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले घी में बीफ टैलो, लार्ड (सूअर की चर्बी से संबंधित) और मछली के तेल के आरोपों पर पूरी रिपोर्ट मांगी है। नड्डा ने इसको लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा कि इसकी जानकारी मिलने के बाद मैंने आंध्र प्रदेश के सीएम एन चंद्रबाबू नायडू से बात की और उनसे ब्योरा लिया। मैंने उनसे उपलब्ध रिपोर्ट साझा करने को कहा है ताकि मैं इसकी जांच कर सकूं। स्वास्थ्य मंत्री ने आगे कहा कि मैं राज्य नियामकों से भी बात करूंगा और इसकी जांच करूंगा। खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप उचित कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मैंने रिपोर्ट मांगी है और हम इसकी जांच करेंगे।

इसे भी पढ़ें: Animal Fat in Tirupati Laddu: तिरुपति प्रसाद में जानवर की चर्बी, नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड ने किया कंफर्म

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने पूरे मामले पर कहा कि तिरूपति में लड्डू में (जानवरों की) चर्बी मिलाने की जो घटना सामने आई है, उसके बारे में मैं दो बातें कहना चाहूंगा। पहला, यह 20,000 करोड़ रुपये का है और इसकी जांच सीबीआई से करायी जानी चाहिए। पिछली सरकार ने विश्व की सबसे बड़ी एकमात्र महिला स्वामित्व वाली संस्था श्रीजा से घी नहीं खरीदा था। उन्होंने कहा कि इसकी सीबीआई से जांच होनी चाहिए कि घी किस कीमत पर खरीदा गया और चर्बी वाला घी क्यों खरीदा गया? दूसरे, यह हिंदू समुदाय के साथ घोर अन्याय है। जिसने भी ऐसा किया है उसे सिर्फ मिलावट की सजा नहीं दी जानी चाहिए बल्कि उसे फांसी की सजा दी जानी चाहिए क्योंकि ऐसा करने वाली सरकार एक विशेष समुदाय की थी।

प्रमुख खबरें

प्रदर्शनकारियों को हथियार! Trump के दावे पर भड़का Iran, UN Security Council से बोला- एक्शन लें।

West Asia संकट के बीच MEA का बड़ा एक्शन, Iran से 1862 भारतीयों की सुरक्षित वापसी में मदद की

CM Nishant Kumar के नारों पर Nitish की मुस्कान, क्या Bihar में पक रही है कोई Political खिचड़ी?

नजफगढ़ का ‘प्रिंस’: जिसने आईपीएल का सपना पूरा करने के लिए कांस्टेबल की परीक्षा छोड़ दी थी