By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 04, 2026
नयी दिल्ली, तीन अगस्त दूरसंचार विभाग ने प्रौद्योगिकी एवं बाजार परिदृश्य में आए बदलावों को ध्यान में रखते हुए दूरसंचार नियामक ट्राई से ‘इंटरनेट निरपेक्षता’ (नेट न्यूट्रैलिटी) के मौजूदा नियमों की समीक्षा के लिए संपर्क साधा है। सोमवार को सूत्रों ने यह जानकारी दी। इंटरनेट निरपेक्षता का मतलब इंटरनेट पर हर वेबसाइट, ऐप और सेवा के साथ बराबरी का व्यवहार करना है।
सूत्रों ने पीटीआई-से कहा कि दूरसंचार विभाग ने अपने संदर्भ में कहा है कि 2017 में ट्राई की सिफारिशों को लाइसेंस शर्तों में शामिल किए जाने के बाद से दूरसंचार क्षेत्र में प्रौद्योगिकी और बाजार स्तर पर बड़े बदलाव हुए हैं। ऐसे समय में जरूरी है कि नियम उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करने और सेवा की गुणवत्ता बनाए रखने के साथ नई प्रौद्योगिकी और नवाचार को भी बढ़ावा दें। आज दूरसंचार क्षेत्र सिर्फ कॉल तक सीमित नहीं रहकर पूरी तरह डेटा पर आधारित हो चुका है।
4जी और 5जी सेवाओं के विस्तार, इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल और क्लाउड सेवाओं के कारण अब लोगों की जरूरतें और उम्मीदें भी बदल गई हैं। हाल के दिनों में 5जी से जुड़ी कुछ प्रीमियम सेवाओं को लेकर यह बहस भी तेज हुई है कि क्या ऐसी सेवाएं इंटरनेट निरपेक्षता के सिद्धांतों के अनुरूप हैं या नहीं। सूत्रों के मुताबिक, दूरसंचार विभाग का कहना है कि समय-समय पर समीक्षा से यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि भारत का नियामकीय ढांचा बदलती प्रौद्योगिकी के साथ कदम मिलाकर चल सके।