ट्रंप के उम्मीदवार से खुफिया एजेंसियों के राजनीतिकरण की चिंता बढ़ी

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 30, 2019

वॉशिंगटन। अमेरिका में खुफिया सेवाओं से जुड़े विशाल समुदाय की जिम्मेदारी सीमित अनुभव वाले किसी सांसद को देने के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले ने राष्ट्र सुरक्षा से जुड़े महत्त्वपूर्ण निर्णयों के संभावित राजनीतिकण को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। ट्रंप ने नेशनल इंटेलिजेंस के निदेशक डेन कोट्स के स्थान पर रिपब्लिकन प्रतिनिधि जॉन रैटक्लिफ को इस पद के लिए नामित किए जाने की रविवार को घोषणा की थी।

कोट्स उन 17 एजेंसियों के समन्वयन का कार्य देखते हैं जिससे मिल कर अमेरिकी का विशाल खुफिया तंत्र खड़ा होता है। कोट्स अपना 24 माह का कार्यकाल पूरा करने के बाद यह पद छोड़ेंगे।

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इस दौरान ट्रंप ने नियमित तौर पर खुफिया प्रमुखों को निशाना बनाया या कमतर आका है तथा उन्हें सूचनाओं से वंचित रखा, खासकर रूस के साथ संबंधों को लेकर अपनी योजना के बारे में। हालांकि कोट्स की रवानगी चौंकाने वाली नहीं है लेकिन रैटक्लिफ को चुने जाने से सांसदों में चिंता है। 

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