US-India Relations | भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी मजबूत! राष्ट्रपति ट्रंप का पीएम मोदी को वाशिंगटन आने का निमंत्रण दोनों देशों के बढ़ते रिश्तों का 'प्रमाण'

By रेनू तिवारी | Jun 05, 2026

अमेरिका ने एक बार फिर भारत के साथ अपने कूटनीतिक और रणनीतिक संबंधों की मजबूती को दोहराया है। अमेरिकी विदेश विभाग (US State Department) ने कहा है कि भारत के साथ अमेरिका की रणनीतिक साझेदारी बेहद सुदृढ़ बनी हुई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को वाशिंगटन आने का दिया गया व्यक्तिगत निमंत्रण दोनों वैश्विक नेताओं के बीच ‘‘बेहतरीन संबंधों’’ और दोनों लोकतांत्रिक देशों के बीच बढ़ते प्रगाढ़ रिश्तों का एक प्रत्यक्ष ‘‘प्रमाण’’ है। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने ‘न्यूयॉर्क फॉरेन प्रेस सेंटर’ द्वारा आयोजित एक गोलमेज चर्चा के दौरान यह बात कही।

पिगॉट ‘न्यूयॉर्क फॉरेन प्रेस सेंटर’ द्वारा चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय पत्रकारों के साथ आयोजित एक गोलमेज चर्चा के दौरान ‘पीटीआई’ के एक सवाल का जवाब दे रहे थे। रुबियो ने 23 से 26 मई के बीच कोलकाता, आगरा, जयपुर और नयी दिल्ली का दौरा किया था तथा विदेश मंत्री एस. जयशंकर की मेजबानी में आयोजित क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लिया था। क्वाड नेताओं के शिखर सम्मेलन और मोदी-ट्रंप मुलाकात के संभावित समय को लेकर पूछे गए सवाल पर पिगॉट ने कहा कि इस संबंध में किसी भी घोषणा के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय व्हाइट हाउस से संपर्क किया जाना चाहिए।

हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि रुबियो ने अपनी भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से व्यक्तिगत रूप से निमंत्रण दिया था। पिगॉट ने कहा, ‘‘यात्रा के दौरान विदेश मंत्री (रुबियो) ने प्रधानमंत्री मोदी को राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से वाशिंगटन आने का निमंत्रण व्यक्तिगत रूप से दिया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच बेहतरीन संबंधों का प्रमाण है, साथ ही हमारे दोनों देशों के बीच मजबूत रणनीतिक साझेदारी को भी दर्शाता है।’’ भारत-अमेरिका संबंधों में क्वाड की भूमिका को ‘‘महत्वपूर्ण’’ बताते हुए पिगॉट ने याद दिलाया कि जनवरी 2025 में पद संभालने के बाद रुबियो ने वाशिंगटन में जिस पहली बैठक की मेजबानी की थी, वह क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक थी।

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उन्होंने कहा कि अमेरिका, भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान वाला यह समूह अब एक ‘‘कार्योन्मुखी मंच’’ के रूप में विकसित हो रहा है और रुबियो की भारत यात्रा के दौरान भी इससे जुड़े कई ठोस परिणाम सामने आए। पिगॉट ने यात्रा के दौरान घोषित पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनमें बंदरगाहों के आधुनिकीकरण, आपूर्ति शृंखलाओं को मजबूत बनाने और समुद्री डकैती तथा अन्य अवैध गतिविधियों के खिलाफ समुद्री सुरक्षा सहयोग बढ़ाने जैसे कदम शामिल हैं।

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उन्होंने कहा, ‘‘यह द्विपक्षीय संबंधों का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। हमने हाल के समय में ऐसे कई कदम देखे हैं जो भारत के साथ हमारी बढ़ती रणनीतिक साझेदारी को दर्शाते हैं, खासकर अंतरराष्ट्रीय अपराधी नेटवर्क और अवैध संगठनों से निपटने के क्षेत्र में।’’ रुबियो की भारत यात्रा का जिक्र करते हुए पिगॉट ने कहा कि विदेश मंत्री ने इस यात्रा का ‘‘भरपूर आनंद’’ लिया और इससे कई ठोस परिणाम प्राप्त हुए।

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