By रेनू तिवारी | Feb 27, 2026
आम आदमी पार्टी (AAP) के नेशनल कन्वीनर अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा कि एक्साइज पॉलिसी केस में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री को सभी आरोपों से बरी किए जाने के बाद सच की हमेशा जीत होती है।
सुनीता केजरीवाल ने माइक्रो-ब्लॉगिंग वेबसाइट X (जो पहले ट्विटर थी) पर पोस्ट किया, "इस दुनिया में, कोई कितना भी ताकतवर क्यों न हो जाए, शिव शक्ति से ऊपर नहीं उठ सकता। सच की हमेशा जीत होती है।"
सुनीता केजरीवाल का यह रिएक्शन AAP के सीनियर नेताओं अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को दिल्ली एक्साइज पॉलिसी केस में सभी आरोपों से बरी किए जाने के कुछ ही देर बाद आया है। केजरीवाल और सिसोदिया के साथ, कोर्ट ने तेलंगाना जागृति की प्रेसिडेंट के कविता समेत बाकी सभी 21 आरोपियों के खिलाफ भी आरोप बरी कर दिए।
यह ऑर्डर राउज एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज जितेंद्र सिंह ने दिया, जिन्होंने फैसला सुनाया कि केस में कोई "बड़ी साज़िश या क्रिमिनल इरादा" नहीं था। कोर्ट ने सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) की भी खिंचाई करते हुए कहा कि अगर इस तरह के काम की इजाज़त दी गई तो यह संविधान का "गंभीर उल्लंघन" होगा।
बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, कोर्ट ने कहा, "ऐसा व्यवहार जिसमें किसी आरोपी को माफ़ी दे दी जाती है और फिर उसे सरकारी गवाह बना दिया जाता है, उसके बयानों का इस्तेमाल जांच/कहानी में कमियों को पूरा करने और दूसरे लोगों को आरोपी बनाने के लिए किया जाता है, यह गलत है।"
फैसले के बाद जब अरविंद केजरीवाल मीडिया के सामने आए, तो वह अपने आंसू नहीं रोक सके। महीनों की कानूनी लड़ाई और जेल की अनिश्चितता के बाद मिली इस जीत पर उन्होंने कहा: "मैं भ्रष्ट नहीं हूँ। आज अदालत ने भी कह दिया है कि मनीष सिसोदिया और मैं पूरी तरह ईमानदार हैं। यह जीत सिर्फ हमारी नहीं, बल्कि दिल्ली की जनता और सच्चाई की जीत है।"
यह फैसला न केवल आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए संजीवनी का काम करेगा, बल्कि विपक्षी एकता और आगामी चुनावों में भी एक बड़ा मुद्दा बनेगा। 23 आरोपियों में से किसी के भी खिलाफ आरोप तय (Charge Frame) न होना, इस केस की जड़ों पर ही सवाल खड़े करता है।
इस फैसले के साथ ही पिछले कई सालों से चला आ रहा 'शराब घोटाला' विवाद कानूनी रूप से धराशायी हो गया है। अब देखना यह होगा कि क्या CBI इस फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती देती है या फिर यह 'आप' के लिए कूटनीतिक और राजनीतिक रूप से अंतिम विजय साबित होगी।