By रेनू तिवारी | May 02, 2026
बॉलीवुड की सबसे पसंदीदा कॉमेडी फिल्म फ्रैंचाइजी 'हेरा फेरी' एक बार फिर चर्चा में है, लेकिन इस बार वजह कोई नई फिल्म नहीं, बल्कि एक गंभीर कानूनी विवाद है। फिल्म के प्रोड्यूसर फिरोज नाडियाडवाला ने मुंबई के अंबोली पुलिस स्टेशन में धोखाधड़ी और जबरन वसूली (Extortion) की शिकायत दर्ज कराई है।नाडियाडवाला का आरोप है कि कुछ लोगों ने मिलकर उनके कानूनी कॉपीराइट और रीमेक राइट्स को हड़पने की साजिश रची है।
नाडियाडवाला ने बताया कि साल 2000 में 'हेरा फेरी' की रिलीज़ से सात दिन पहले, कुछ लोगों ने उन पर दबाव डालकर उनसे पैसे ऐंठने की कोशिश की थी। शिकायत में उन्होंने कहा, "उस समय, फिल्म में बहुत बड़ा निवेश किया जा चुका था, इसलिए बदनामी और नुकसान के डर से, मुझे दबाव में आकर पैसे देने पड़े, जबकि कोर्ट ने मेरे पक्ष में स्टे ऑर्डर भी दिया हुआ था।"
शिकायत के मुताबिक, यह मामला 25 साल बाद फिर से सामने आया है। नाडियाडवाला ने आरोप लगाया कि ओरिजिनल फिल्म के मालिकों, सिद्दीकी केएल और एम पॉल माइकल को यह पता होने के बावजूद कि राइट्स पहले ही बेचे जा चुके थे, उन्होंने 12 मई 2022 को M/s Seven Arts International के गोपाला पिल्लई विजयकुमार को वे राइट्स दोबारा 3 लाख रुपये में बेच दिए।
उनकी शिकायत के बाद, पुलिस ने गोपाला पिल्लई विजयकुमार और एम पॉल माइकल के खिलाफ IPC की धारा 318(4), 356 और 3(5) के तहत केस दर्ज कर लिया है, और आगे की जांच जारी है।
उन्होंने आगे बताया कि दिसंबर 2024 में, उन्हें एक कानूनी नोटिस मिला, जिसमें उनकी साल 2006 में रिलीज़ हुई फिल्म 'फिर हेरा फेरी' को गैर-कानूनी घोषित किया गया था। शिकायत के अनुसार, नोटिस भेजने वाली पार्टियों ने 60 लाख रुपये और फिल्म के कुल मुनाफे में 25 प्रतिशत हिस्सेदारी की मांग की थी। नाडियाडवाला ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित पक्ष उनकी कंपनी की पब्लिक लिस्टिंग प्रक्रिया में बाधा डाल रहे थे। उन्होंने कहा कि अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी और परेश रावल जैसे अभिनेताओं के नामों का इस्तेमाल करके उनके बारे में झूठी खबरें फैलाई जा रही थीं, और इससे उनकी पेशेवर प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँच रहा था।
पुलिस ने इस शिकायत की जाँच शुरू कर दी है, और संबंधित पक्षों को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। यह मामला नाडियाडवाला के इस आरोप पर केंद्रित है कि 'हेरा फेरी' और 'फिर हेरा फेरी' से जुड़े अधिकारों का, पहले ही बेचे जाने के बावजूद, दुरुपयोग किया गया; जिसके परिणामस्वरूप नई माँगें सामने आईं और कानूनी कार्रवाई की नौबत आ गई।