By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 22, 2021
तिरुवनंतपुरम। केरल के वन मंत्री ए के शशींद्रन पर लगे, यौन उत्पीड़न के एक मामले में समझौते का प्रयास कराने संबंधी आरोपों को लेकर राज्य विधानसभा के दूसरे सत्र का पहला दिन बृहस्पतिवार को हंगामेदार रहा और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने इस मामले में कार्य स्थगन प्रस्ताव को स्वीकृति नहीं देने के अध्यक्ष के फैसले के विरोध में सदन से बहिर्गमन कर दिया। कांग्रेस विधायक पी सी विष्णुनाथ द्वारा लाए गए कार्य स्थगन प्रस्ताव का मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने उत्तर दिया। विजयन ने कहा कि मंत्री ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि उन्हें लगा था कि यह पार्टी संबंधी कोई मामला है और इसलिए उन्होंने हस्तक्षेप किया। विजयन ने कहा, ‘‘मामले में शिकायतकर्ता और आरोपी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के पार्टी कार्यकर्ता है।
उल्लेखनीय है कि यह मामला तब सामने आया, जब मलयालम समाचार चैनलों ने शशींद्रन और महिला के पिता के बीच टेलीफोन पर कथित बातचीत का प्रसारण किया, जिसमें आपसी सहमति से मामला सुलझाने के लिए कहा गया। इसके बाद मंत्री ने मीडिया को बताया कि उन्होंने लड़की के पिता को फोन किया था, लेकिन उन्होंने ऐसा इसे पार्टी संबंधी किसी विवाद का मामला समझकर सुलझाने के लिए किया था। उन्होंने दावा किया कि जब उन्हें पता चला कि यह यौन उत्पीड़न की कोशिश का मामला है तो उन्होंने इसके बाद हस्तक्षेप नहीं किया।