By सुयश भट्ट | Sep 22, 2021
भोपाल। मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री रहीं उमा भारती ने ब्यूरोक्रेसी पर अपने विवादित बयान को सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद दिग्विजय सिंह के नाम के पत्र लिखा।
इस पत्र में उन्होंने कहा कि ब्यूरोक्रेसी पर आपने मेरे दिए बयान पर उचित प्रतिक्रिया दी है। मुझे अपनी ही बोली भाषा पर गहरा आघात लगा है। वहीं इससे पहले उन्होंने दिग्विजय सिंह की आलोचना की थी।
आपको बता दें कि मंगलवार को उमा भारती ने दिग्विजय सिंह को पत्र लिखा। इसमें खुद को उनकी लाड़ली बहन बताते हुए लिखा है कि ‘ब्यूरोक्रेसी पर आपने मेरे दिए बयान पर उचित प्रतिक्रिया दी है। मुझे अपनी ही बोली भाषा का गहरा आघात लगा है।
इसे भी पढ़ें:इंदौर के 9 नगर निगम अधिकारियों पर हुई FIR दर्ज, नगर आयुक्त ने दी जानकारी
आगे लिखा कि मैं आपके पीछे पड़ जाती थी कि दादा संयत भाषा नहीं बोलते, यह तो बिलकुल ऐसा हो गया, जैसा रामायण जी में लिखा है- पर उपदेश कुशल बहुतेरे, सो आचरही ते न नर न घनेरे। मैं आगे से अपनी अपनी भाषा सुधार लूंगी, आप भी ऐसा कर सकें तो कर लें।
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने उमा भारती के इस बयान पर ट्वीट में लिखा, ‘उमा आप मेरी छोटी बहन के नाते मुझे कम बोलने के लिए चेताती रही हैं, लेकिन आपने नौकरशाहों के खिलाफ जो अपशब्दों का उपयोग किया है, वे घोर आपत्तिजनक हैं।
इसे भी पढ़ें:हलाली नदी में डूबने से हुई 2 मासूम बच्चों की मौत, ज़िंदा करने के लिए शवों को नमक के ढेर पर लेटाया
दिग्विजय सिंह ने लिखा कि भारतीय संविधान में ब्यूरोक्रेसी नियम व कानून के अंतर्गत निष्पक्षता से कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। वे आपके नौकर नहीं हैं, चप्पल उठाने वाले लोग नहीं हैं। आप (उमा भारती) केंद्रीय मंत्री रही हैं। मुख्यमंत्री रही हैं। इस प्रकार की टिप्पणी आपको नहीं करनी चाहिए। आपको माफी मांगनी चाहिए।