मध्य प्रदेश विधानसभा में हंगामा, आदिवासी विधायक ने बताया जान का खतरा

By दिनेश शुक्ल | Feb 25, 2021

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन गुरुवार को सदन का कार्यवाही हंगामेदार रही। इस दौरान कांग्रेस से आदिवासी विधायक कलावती भूरिया ने पूर्व विधायक नागर सिंह चौहान पर गंभीर आरोप लगाते हुए अपनी जान का खतरा बताया, तो वहीं चिटफंड कंपनियों के अवैध कारोबार के मामले में विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया।

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इसके तत्काल बाद पूर्व मंत्री विजयलक्ष्मी साधौ ने कहा कि महिला और आदिवासी विधायक की सुरक्षा का सवाल है। कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी ने कहा कि यह सत्ता पक्ष और विपक्ष का मामला नहीं है। एक आदिवासी क्षेत्र की विधायक की सुरक्षा का मामला है। यदि कलावती भूरिया के साथ अनहोनी होती है तो पूरी सदन को शर्मसार होना पड़ेगा, इसलिए मामले को सरकार गंभीरता से लें। वहीं, कांग्रेस विधायक सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि एक महिला विधायक को जान से मारने की धमकी मिल रही है, लेकिन पुलिस कुछ नहीं कर रही। उन्होंने पूर्व विधायक नागर सिंह चौहान को गिरफ्तार करने की मांग रखी।

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इस पर गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि गिरफ्तार नहीं कर सकते। यह लोकल राजनीति का मामला है। सदस्य की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है। इसके बाद हंगामा शुरू हो गया। सदस्यों के हंगामे के बीच गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि जिस मामले का जिक्र किया है, उसमें कोई अपराध दर्ज नहीं हुआ है। पूर्व विधायक ने प्रेस के जरिए कुछ बातें कही थीं और उसका जवाब भी प्रेस के माध्यम से दे दिया गया है। विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने मामले को शांत कराते हुए विधायक की सुरक्षा का आश्वासन दिया। इसके बाद अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही आगे बढ़ा दी।

 

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इसके बाद सदन में चिटफंड कंपनियों के अवैध कारोबार का मामला उठा। पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस विधायक गोविंद सिंह ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से मामले को उठाते हुए आरोप लगाया कि ग्वालियर चंबल संभाग में कई फर्जी कंपनियां कारोबार कर रही हैं। उन्होंने बताया कि जीवन सुलभ नाम की फर्जी कंपनी 53 लाख रुपये लेकर फरार हो चुकी है। उन्होंने यह भी बताया कि यह कंपनियां हर साल पासबुक बदलकर फर्जीवाड़ा कर रही हैं। इसमें को-ऑपरेटिव सोसायटी की सांठगांठ भी सामने आ रही है। ऐसे मामलों की उच्चस्तरीय जांच होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य स्तरीय कमेटी इसकी जांच करें और मामला ईओडब्ल्यू को सौंपा जाए। इस पर सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद सिंह भदौरिया ने कहा कि इसे लेकर गाइडलाइन बनाई जा रही है, ताकि ऐसी कंपनियों का रिकॉर्ड पोर्टल में दर्ज किया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एंटी माफिया अभियान चल रहा है, जिसमें सरकार चिटफंड कंपनियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई कर रही है।

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